उड़िया मातृभाषा में शिक्षा को लेकर उत्कल सम्मेलनी द्वारा ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

सरायकेला खरसावां उत्कल सम्मेलनी जिला समिति का एक प्रतिनिधि मंडल राजनगर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी एवं ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज से मुलाकात कर पांच सूत्री ज्ञांपन सौपा। ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को सौपे गए ज्ञापंन में कहा गया कि झारखंड सरकार की उड़िया नीति के कारण कोल्हान प्रमंडलीय क्षेत्र के तीन जिला पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां में चालीस लाख से अधिक लोगों की उड़िया मातृभाषा में शिक्षा पर राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही है।

कोल्हान प्रमंडलीय में पांच सौ से अधिक ओड़िया गांव हैं। जिनमें से 136 स्कूलों में उत्कल सम्मेलनी के 160 शिक्षक नियमित रूप से ओड़िया मातृभाषा पढ़ाते हैं। ओडिशा सरकार की ओर से, इन शिक्षक प्रशिक्षुओं को मासिक तीन हजार रुपये और प्रति वर्ष तीस हजार रुपये दिया जाता है। साथ ही पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक ओडिया साहित्य और व्याकरण की किताबें उत्कल सम्मिलनी के माध्यम से प्रदान की गई हैं।

उत्कल सम्मेलनी झारखंड राज्य में उड़िया भाषा शिक्षा की सुरक्षा के लिए उत्कल सम्मेलनी शिक्षको को आर्थिक अनुदान (मानदेय) तीन हजार रूपये से बढाकर दस हजार रूपये प्रतिमाह करने, ओडिशा सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 का विशेष अनुदान न दिये जाने के कारण वर्ष 2021-22 का वित्तीय अनुदान उत्कल सम्मेलनी के शिक्षकों को प्राप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2022-23 में ओडिशा सरकार ने घोषणा किया था कि उडिया शिक्षकों 4,500 रुपये का भुगतान करने की घोषणा किया था। लेकिन पूरा नही किया गया।

इासके अलावे झारखंड सरकार के पाठ्यक्रम में, कक्षा 9 और 10 वीं की उड़िया साहित्य की किताबें, ओडिशा सरकार ने 2007 में प्रकाशित किया। ये पुस्तकें आवश्यकतानुसार उपलब्ध करायी जानी चाहिए। ओडिशा सरकार की हाउस कमेटी को झारखण्ड राज्य में आकर शिक्षा की विभिन्न समस्याओं का समाधान करना चाहिए। और झारखंड के हाई स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की गई। ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने वाले उत्कल सम्मिलनी जिला समिति के प्रतिनिधि मंडल में सुशील षांडगी, अजय प्रधान, सपन मंडल, चिरंजीवी महापात्र, पशुराम कति, राजा ज्योतिषी शामिल थे।
