सरायकेला के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने दी दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि, विश्व आदिवासी दिवस सादगीपूर्वक मनाने का निर्णय

दिशोम गुरु, आदिवासी समाज के महान नेता, संघर्षशील व्यक्तित्व और झारखंड राज्य निर्माण के स्तंभ शिबू सोरेन के निधन से समस्त आदिवासी समाज शोकाकुल है। उनके निधन पर आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला-खरसावां की ओर से गहरा दुःख व्यक्त किया गया और एक शोक सभा का आयोजन किया गया।समिति के उपाध्यक्ष बिरसा महाली की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में शिबू सोरेन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।

सभा में यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस (09 अगस्त) को सादगीपूर्वक मनाया जाएगा। इस दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी जाएगी, साथ ही खरसावां के शहीदों और केरसे मुंडा चौक पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किया जाएगा। यह कार्यक्रम समाज के संघर्षों और बलिदानों को याद करते हुए नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला-खरसावां के उपाध्यक्ष बिरसा माहली, सचिव राजेश उरांव एवं कोषाध्यक्ष सुखराम सोय, आदिवासी हो समाज युवा महासभा सरायकेला-खरसावां के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिजुई, प्रखंड अध्यक्ष टाटा चातर एवं अनुमंडल अध्यक्ष गोबिंद हेम्ब्रम, विशु रघु संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान से मानसिंह बानरा, दीपक बोयपाई एवं राजकिशोर उरांव, आदिवासी युवा संघर्ष समिति से बबलू बानरा और वन रक्षा समिति रायजामा से सोयना सरदार उपस्थित रहे।

समिति की ओर से यह अपील की गई कि इस विश्व आदिवासी दिवस पर सभी समाज जन एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान और पुरखों के संघर्षों को सम्मानपूर्वक याद करें तथा आने वाली पीढ़ी को भी अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करें।
