क्या 73 साल के व्लादिमीर पुतिन लड़ेंगे 2030 का चुनाव? रूसी राष्ट्रपति बोले- ईश्वर ही जानता है भविष्य में क्या होगा
मुख्य बिंदु (Introduction): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगामी 2030 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दावेदारी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने इसे समय से पहले की गई चर्चा करार दिया। पुतिन का मानना है कि वर्तमान में रूस के सामने कई बड़ी और महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं, जिन पर सबसे पहले ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सेहत और शारीरिक क्षमता से जुड़े सवालों का भी खुलकर जवाब दिया।
भविष्य की चर्चा अभी जल्दबाजी
व्लादिमीर पुतिन साल 1999 से लगातार रूस की सत्ता की कमान संभाल रहे हैं। इस लंबे सफर में वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे हैं। 7 अक्तूबर 1952 को पैदा हुए पुतिन इस समय 73 वर्ष के हो चुके हैं, यही वजह है कि उनके अगले चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, पुतिन ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर हो रही इन चर्चाओं को फिलहाल बेअसर और गैरजरूरी बताया है। उनका कहना है कि इस समय देश के सामने जो तात्कालिक मुद्दे हैं, उन्हें सुलझाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि भविष्य के चुनावों पर बात करना।
गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे यह तीखा सवाल पूछा गया कि क्या वे वाकई 2036 तक सत्ता में बने रहने का इरादा रखते हैं और क्या उनका स्वास्थ्य इस लंबे कार्यकाल के लिए साथ देगा? इस पर रूसी राष्ट्रपति ने बेहद व्यावहारिक रुख अपनाते हुए कहा कि आने वाले वक्त के बारे में कोई भी पहले से सटीक दावा नहीं कर सकता। हालांकि, रूस का मौजूदा संविधान उन्हें साल 2030 में दोबारा देश का सर्वोच्च पद संभालने के लिए चुनाव लड़ने की कानूनी अनुमति देता है, और यदि वे उस वक्त भी जीत दर्ज करते हैं तो उनका कार्यकाल 2036 तक खिंच सकता है।
पुतिन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में वे इस तरह की संभावनाओं पर बिल्कुल भी विचार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात को आध्यात्मिक मोड़ देते हुए कहा कि यह सिर्फ ईश्वर ही जानता है कि आने वाले दिनों में किसके पास कितनी सेहत और शारीरिक ऊर्जा बची रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे अहम बात यह है कि रूस ने अपने लिए जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें पूरी मजबूती से हासिल किया जाए।
स्वास्थ्य को लेकर वर्षों से चल रही हैं अटकलें
सोवियत खुफिया एजेंसी केजीबी (KGB) के पूर्व जासूस रहे 73 वर्षीय पुतिन की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर बीते कई सालों से अफवाहों का बाजार गर्म रहा है। इंटरनेट पर समय-समय पर ऐसी कई थ्योरीज सामने आती रही हैं जिनमें दावा किया जाता है कि पुतिन किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या फिर सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनका कोई हमशक्ल (बॉडी डबल) हिस्सा लेता है। हालांकि, इन तमाम दावों की पुष्टि के लिए कभी भी कोई पुख्ता या आधिकारिक सबूत सामने नहीं आ सका।
हालिया महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर भी उनकी सेहत से जुड़े कई वीडियो क्लिप्स वायरल हुए। कुछ यूजर्स ने वीडियो में उनके पैरों में हल्की कपकपाहट या मीटिंग के दौरान टेबल को कसकर पकड़ने जैसी शारीरिक हरकतों का हवाला देते हुए उन्हें पार्किंसंस जैसी बीमारी होने का अंदेशा जताया था। बहरहाल, रूसी राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ ने हमेशा ऐसी खबरों का खंडन किया है और इन अफवाहों को साबित करने वाला कोई भी विश्वसनीय तथ्य आज तक दुनिया के सामने नहीं आया है।


