बंगाल चुनाव : न घूंघट, न बुर्का, संदेह होने पर सबको दिखाना होगा अपना चेहरा
मुख्य बातें:
- पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा दिखाना अनिवार्य।
- राज्य के अधिकांश मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया।
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार फर्जी वोटिंग और पहचान छिपाकर मतदान करने वालों पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्र पर मतदाता की पहचान को लेकर यदि कोई संशय होता है, तो उसे अपना चेहरा दिखाना होगा। बुर्का या घूंघट जैसी किसी भी पोशाक से पहचान छिपाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, निजता और मर्यादा का ध्यान रखते हुए आयोग ने यह भी साफ किया है कि चेहरा देखने और पहचान की जांच करने का काम केवल महिला मतदान कर्मी या सुरक्षाकर्मी ही करेंगी। इसके लिए प्रत्येक बूथ पर कम से कम एक महिला कर्मी की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

हर हाल में पहचान की होगी पुष्टि अक्सर देखा जाता है कि चुनाव के दौरान कुछ असामाजिक तत्व गलत तरीके से वोट डालने के लिए नकाब या घूंघट का सहारा लेते हैं। इस बार चुनाव आयोग ने ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए कड़े प्रबंध किए हैं। यदि किसी मतदाता की पहचान पर कोई पोलिंग एजेंट या अधिकारी सवाल उठाता है, तो उसे अपनी पहचान सिद्ध करनी होगी। महिला मतदाताओं की जांच के लिए महिला अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू और सम्मानजनक तरीके से संपन्न हो सके।
राज्य के अधिकांश मतदान केंद्र संवेदनशील चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बंगाल के लगभग सभी मतदान केंद्रों को संवेदनशीलता की श्रेणी में रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य में करीब 8,500 केंद्र ‘अत्यंत संवेदनशील’ पाए गए हैं। विशेष रूप से पहले चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। आयोग का लक्ष्य है कि बिना किसी भय या गड़बड़ी के मतदान प्रक्रिया पूरी हो।
