बंगाल के निजी अस्पतालों में मिलेगा अब मुफ्त इलाज, इस माह से लागू होगी नयी व्यवस्था
पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाने जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में बताया कि सरकारी अस्पतालों से रेफर किए जाने वाले जरूरतमंद मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में लगभग 2,500 बेड पूरी तरह से मुफ्त इलाज हेतु रिजर्व रखे जाएंगे। सरकार का पूरा प्रयास है कि जनहित से जुड़ी इस बड़ी योजना को जुलाई महीने के अंत तक धरातल पर उतार दिया जाए, ताकि आम लोगों को इसका सीधा फायदा मिलने लगे।
स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा है एसओपी
विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि पूरे देश में इस तरह का ऐतिहासिक फैसला लेने वाला पश्चिम बंगाल पहला राज्य बनने जा रहा है। इस योजना को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने में जुटा है और मैनेजमेंट से जुड़े अंतिम कार्यों को पूरा किया जा रहा है। इस कल्याणकारी व्यवस्था को लागू करने के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री अब तक निजी अस्पताल संचालकों के साथ चार दौर की बैठकें भी कर चुके हैं।
कुल बेड का 10 प्रतिशत हिस्सा रेफर मरीजों के लिए
डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने योजना की बारीकियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिन भी निजी अस्पतालों को राज्य सरकार द्वारा जमीन आवंटित की गई है, उन्हें अपने यहां के कुल बेड्स में से 10% हिस्सा सरकारी अस्पतालों से भेजे गए (रेफर) मरीजों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इन बेड्स पर भर्ती होने वाले मरीजों को केवल मुफ्त इलाज ही नहीं मिलेगा, बल्कि उनकी जरूरी जांचें और दवाइयां भी बिना किसी शुल्क के मुहैया कराई जाएंगी। यह व्यवस्था विशेष तौर पर तब बेहद मददगार साबित होगी जब सरकारी चिकित्सालयों में बेड्स की कमी होगी।
तैयार हो रहा है सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम
योजना में पारदर्शिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य भवन में एक केंद्रीय (सेंट्रलाइज्ड) कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे काम करेगा। यह डिजिटल कंट्रोल रूम पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों, डॉक्टरों की उपस्थिति, रेफर किए गए मामलों और खाली पड़े बेड की लाइव स्थिति (Real-time monitoring) पर नजर रखेगा। इसके अलावा, अस्पतालों में बेड्स की उपलब्धता को डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के जरिए सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि विभाग के उच्च अधिकारी हर गतिविधि पर सीधी निगरानी रख सकें।
व्यापक स्तर पर सुधार लाने की कोशिश
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), ब्लॉक स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को सुधारा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि मरीजों को छोटी-मोटी दिक्कतों के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज संभव हो सके।
बेड की संख्या बढ़ाने की कोशिश
ग्रामीण और प्राथमिक स्तर के चिकित्सा केंद्रों में आधुनिक सुविधाएं जैसे एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी डायग्नोस्टिक सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेड्स की संख्या में भी इजाफा किया जा रहा है ताकि सुदूर इलाकों के नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के नजदीक ही मिल सकें।


