चक्रवर्ती तूफान मीचौगं ने भारी तबाही मचाया, 800 करोड़ तक के फसल का नुकसान
रांची l तीन दिनों से लगातार तूफान ने झारखंड के विभिन्न जिलों में सब्जी धन सहित फसल पर कर बरपाया l किसान के साल भर का धान की खेती तीन दिन में बर्बाद हुई l
पशुपालन कृषि एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार ने अब तक किसानों के मुआवजा एवं सहयोग की पुष्टि नहीं किया l बोकारो, धनबाद ,रांची ,सिंभूम, खूंटी ,गुमला, सिमडेगा में बारिश के कारण धान एवं सब्जी की फसल काफी बर्बाद हुआ l
पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 का भी मुआवजा भुगतान अब तक लंबित है l वहीं दूसरी और नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेताओं ने कहा किसान, फसल एवं जीव जंतु से नुकसान को लेकर किसी तरह का उचित कदम नहीं उठाना प्रशासन के रवैया पर प्रश्न चिन्ह उठाता है l

बारिश की कमी सिंचाई की समुचित व्यवस्था जीव जंतुओं द्वारा फसल की हानि पर मुख्य कारण है l झारखंड सरकार के आंकड़ों के अनुसार 35 लाख लोग अन्य राज्यों में जाकर रोजगार के साधन में लगे हैं l यह एक भयानक आंकड़ा है । जिससे आने वाले समय में बढ़ाने की आशंका है l नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेताओं ने कहा सभी राजनीतिक दलों को किस को लेकर एक मंच पर आकर समाधान निकालना चाहिए l

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख कृषि विभाग के निदेशक एवं जिले के कृषि पदाधिकारी को तुरंत संज्ञान लेते हुए मुआवजा देना चाहिए l बागवानी मिशन भी काफी कमजोर स्थिति में है l बिरसा कृषि विश्वविद्यालय एकमात्र ऐसा संस्थान है l जहां पर विभिन्न जिलों के छात्र अध्ययन करते हैं l ,किसी तरह का दूसरे जगह पर यूनिट नहीं खोलने से मौसम- फसल एवं अन्य तरह की जानकारी से दूर रहते हैं l वहीं दूसरी ओर प्रदेश महासचिव अमर महतो ने कहा बैंक एवं सरकार के समंजस ना होने के कारण बीमा राशि का भुगतान भी समय पर नहीं होता है l
झारखंड के पंचपरगना क्षेत्र जहां धान के पैदावार सबसे ज्यादा होती है l नहर का निर्माण कार्य ,डैम का निर्माण न होना ,नदी पर बालू का अवैध खनन जैसी समस्या से खेती पर असर पड़ता है l पेयजल की व्यवस्था एवं नलकूप के भी मरम्मत नहीं होने से पंचायत के लोग आज भी अन्य स्रोत का पानी पीने के लिए विवश है ।
Cyclone Meechaugan caused huge devastation, crop loss worth Rs 800 crore
