हुडंगदा एवं हाथीबारी में मागे पर्व पर आदिवासी संस्कृति पर हुई ढोल नगाडा पर हुई सामुहिक नृत्य
बंदगांव : कराईकेला थाना के हुडंगदा एवं हाथीबारी गांव में आदिवासी हो समाज की ओर से देशाउली मागे पोरोब का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि समाजसेवी ड़ॉ विजय सिंह गागराई एवं जीप सदस्य बसंती पुर्ती थी. मागे पोरोब का दूसरा दिन यानी मागे पूजा दिउरी द्वारा किया गया। यह खबर आप झारखंड लेटेस्ट न्यूज पर पढ़ रहे हैं। देशाउली सिंगबोंगा एवं ग्राम देवता सबके नाम से लाल, सफेद, बारह बोरनी मुर्गे और काले मुर्गी की बली देशाउली जहेरथान में दी गई।

एवम समस्त बस्ती वासियों के मंगलमय स्वस्थ की कामना की। इस अवसर पर पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव डॉ विजय सिंह गागराई ने कहा यह पर्व मनाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। इसकी शुरुआत इस धरती के प्रथम मानव लुकू और लुकुमी ने की थी।उन्होंने कहा मागे पर्व हो समुदाय का बहुत बड़ा एवम प्रमुख पर्व है.इस पर्व में सभी अपने अपने घरों में मेहमानों को बुलाते है, पकवान हेतु लेटो मंडी बनाया जाता है. उन्होंने कहा यह पर्व पूरे झारखंड के आदिवासी बहुल गांव में हर साल बहुत धूमधाम से मनाते है.हो समुदाय के लोग महीने भर पहले से ही इसकी तैयारी में लग जाते है. ऐसी मान्यता है की यह पर्व करने से किसी तरह की महामारी का प्रकोप नहीं होता है.

इस मौके पर सभी लोगों ने मागे पर्व का एक दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही मादर की थाप पर आदिवासी लोक गीत पर विजय सिंह गागराई एवं अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नृत्य प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा. कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से मौके पर अध्यक्ष घनश्याम पूर्ति,जितेंद्र बोयपाई,पोंडेराम पूर्ति,मानकी बोयपाई, रामसिंह पूर्ति,रामनारायण पूर्ति,रामधन पूर्ति,रतन पूर्ति, रामनरेश पूर्ति,तुरी बोयपाई, रामकुमार बोयपाई, रामकृष्ण पूर्ति समेत काफी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।
