खरसावां के काली मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय भागवत के छठे दिन मथुरा गमन पर बिस्तार से चर्चा हुई
खरसावां के काली मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय भागवत के छठे दिन मथुरा गमन पर बिस्तार से चर्चा हुई वृंदावन से पहुंची कथा विदूषी दीदी शास्त्री ने कंस वध, कृष्णा मथुरा गमन दिव्य महारास समेत विभिन्न प्रसंगों पर व्याख्यान दिया। दीदी ने कहा कि जब हम अपने धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा उन्होंने भक्तों से सच्चाई के रास्ते चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूरा करती है यह कल्पवृक्ष के समान है।

भागवत कथा ही साक्षात कृष्णा है और जो कृष्ण हैं वही साक्षात भागवत है। शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनना ओर सुनाना दीनी है। मुक्तिदायिनी है। आत्मा की मुक्ति का मार्ग दिखाती है व्यक्ति को अपने जीवन का कुछ समय हरि भजन में लगाना चाहिए भागवत कथा के दौरान आकर्षक झांकी निकाली गई । बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष भक्त जनों उपस्थित थे
