चाईबासा : डीएवी में कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती संपन्न
स्थानीय सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती विशेष प्रार्थना सभा में मनाई गई ।इस अवसर पर प्राचार्या सुश्री रेखा कुमारी ने कहा कि गुरुदेव महान शिक्षाविद, साहित्यकार व दार्शनिक थे । छात्र दीक्षा पसारी व अर्णव कुमार सिंह ने भी कविगुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। छात्रा आलोलिका द्विवेदी ने गुरुदेव पर आधारित कविता प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। छात्रा अंशिका अग्रवाल ने गुरुदेव रचित ‘गीतांजलि’ पर आधारित अपने विचार प्रस्तुत किए। मंच संचालन छात्र नमन कुमार ने किया।

गाँधी जी को ‘महात्मा’ की पदवी देने वाले महान कवि, ‘जन-गण’ के मन में निवास करने वाले अद्भुत शिक्षक, कहानीकार, संगीतकार, चित्रकार, नाटककार, गायक और दार्शनिक, गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर जी का आज जन्मदिन है। एशिया का पहला नोबेल जीतने पर रॉयटर्स के संवाददाता ने इंग्लैण्ड से फोन कर गुरुदेव से पूछा, “आपको आपकी कविता के लिए नोबेल मिला है। आप इतना अच्छा कैसे लिख लेते हैं?” गुरुदेव ने जवाब दिया, “मैं कुछ नहीं लिखता। मेरे हृदय में एक विरहणी स्त्री रहती है। वो रो देती है और मैं उसका दुःख कागज़ पर उकेर देता हूँ।” माँ भारती के शिखर-पुत्रों में एक, रबीन्द्रनाथ टैगोर की धमनियों में संवेदना, राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता, नैतिकता और प्रगतिशीलता एकसाथ बहती थी। कवि कुलगुरु रबीन्द्रनाथ टैगोर जी को सादर प्रणाम।
