खरसावां के कुम्हार साही स्थित मां पाउडी शक्ति पीठ पर नुआखाई जताल पूजा का आयोजन
खरसावां के कुम्हार साही स्थित मां पाउडी शक्ति पीठ पर नुआखाई जताल पूजा का आयोजन पूरे विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना किया गया। पश्चिम ओडिशा के तर्ज पर यह त्यौहार मनाया जाता है। पूजा क्षेत्र के शांति व समृद्धि के लिए को जाती है।नुआ खाई जताल पूजा के मां पाउडी शक्ति पीठ पर नये धान से तैयार चावल से प्रसाद तेयार कर मां पाउडी की समर्पित किया गया। मां पाउडी खरसावां राज धराने की ईस्ट देवी है।

कहा जाता है कि मां पाउडी पीठ पर नुआखाई जताल पूजा की यह परंपरा सदियों से खरसावां रियासत को स्थापना के साथ ही चली आ रही है। आज सुबह से बड़े संख्या में भक्तों मां पाउडी शक्ति पीठ पर प्रसाद चढ़ाने पहुंचे। बकरा भेड़ा की बलि चढ़ी। खरसावां के कुम्हार साही में स्थापित मां पाउडी शक्ति पीठ पर वार्षिक जताल पूजा का काफी महत्व है मां पाउडी शक्ति को देवी माना जाता है। यहां प्रत्येक सप्ताह गुरुवार को मां पाउडी शक्ति पीठ पर बकरा बलि दिया जाता है। पहले राजा कोष से होता था आयोजन अब राज्य सरकार उठाती है खर्च। देश की आजादी से पूर्व रियासत काल में मां पाउडी के नुआ खाई जताल पूजा अर्चना का आयोजन राजकोष से होता था ।

खरसावां राज धराने के राजाओं को अगुवाई में मां पाउडी शक्ति पीठ पर नुआखाई जताल पूजा होती रही। देश आजाद के दौरान खरसावां के तत्कालीन राजा व सरकार के बीच हुए एग्रीमेंट के बाद से पूजा की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठा रही है। इस शक्तिपीठ पर ब्राह्मण पूजा नहीं करते हैं पूजा करते हैं आ रहे हैं भैया जाती के परिवार से। वार्षिक पूजा में खरसावां क्षेत्र के मां के भक्तों बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
