राजनगर के गेंगेरुली में धूमधाम से मां मनसा पूजा का आयोजन

राजनगर प्रखंड के ग्राम गेंगेरुली में 20 जगह पर धूमधाम से मां मनसा पूजा का आयोजन* राजनगर प्रखंड ग्राम गेंगेरुली में धूमधाम से मनसा पूजा का आयोजन। सभी ब्रतियों द्वारा गाजे बाजे के साथ कलश लेकर तालाब गए वहां से विधिवत पूजा अर्चना कर पवित्र जल लेकर पूजा स्थल पर कलश स्थापित कर मां मनसा पूजा का शुभारंभ किया गया।

इस दौरान महिलाएं , पुरुष दिन भर निर्जला उपवास कर लड्डू ,खीरा , नारियल , फूल, सिंदूर , विभिन्न प्रकार के फल से पूजा अर्चना किये। सभी श्रद्धालु मां के चरणों में माथा टेकते हुए , सांप , बिच्छू से सुरक्षित रहने , संतान की सुख- समृद्धि , रोग मुक्ति के लिए आशीर्वाद लिये , वहीं भक्तों ने बताया कि सच्चे मन से मां मनसा पूजा अर्चना करने से हर मनोकामनाएं पूरा होती है।मंटू महतो ने कहा कि शास्त्र के अनुसार मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती मानसरोवर झील में जल कीड़ा कर रहे थे , तब दोनों के तेज इकट्ठा होकर कमल के पत्ते पर जमा हो गया।

तब उनकी संरक्षण के लिए वहां मौजूद सर्पिणियों ने इस तेज को अपनी कुंडली में लपेट लिया था। महादेव और जगदंबा के तेज से जिस कन्या का जन्म हुआ वह मनसा देवी का रूप है। विश्व में प्रमुख अष्ट नागों की कोई बहन नहीं तब भगवान शंकर ने अपने भक्त बसुकी बात मानते हुए , उन्हें नागलोक का साम्राज्य प्रदान कर दिया। इसलिए मनसा देवी संपूर्ण नाग जाति की बहन और पुत्री मानी जाती है। मां मनसा देवी तीन लोकों स्वर्गलोक नागलोक और पृथ्वी लोक में पूजी जाती है।

मनसा पूजा करने में गांव में शांति और समृद्धि बना रहता है। इस गांव में 100 वर्षों से मनसा पूजा का आयोजन हो रहा है।गांव में 20 जगह पर मां मनसा मूर्ति स्थापित किया गया है। पूरा गांव को पंडाल से दुल्हन की तरह सजाया गया। मां मनसा देवी दर्शन के लिए आसपास, दूरदराज , झारखंड , उड़ीसा , बंगाल से हजारों की संख्या पहुंच रहे हैं। सभी दर्शकों को कमेटी की ओर से प्रसाद , नाश्ता एवं चाय दिया जा रहा है।
