झारखंड में निपुण भारत मिशन के तहत छात्र बनेंगे दक्ष : गजेन्द्र नाथ चौहान
शिक्षा मंत्रालय ने निपुण भारत मिशन का क्रियान्वयन प्री प्राइमरी से कक्षा दो तक के लिए किए जाने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार अब लक्ष्य भी संशोधित किए गए हैं। देवी संस्थान भारत के साथ ब्रिंग बैक इंडियन कल्चर फाउंडेशन झारखंड की शिक्षा को बढ़ावा देने पर पहल हुई जिसमे ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल ग्रामीण के साथ भी वार्ता हुई।

सरकार अब छात्रों को रटने की जगह निपुण बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए पूरे देश में निपुण भारत मिशन चल रहा है, जिसमें छात्रों को रटाने की जगह सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन के तहत पहले कक्षा एक से तीन तक के छात्रों को निपुण बनाने की योजना थी। अब आठ वर्ष की आयु तक के बाल वाटिका से लेकर कक्षा दो तक के छात्रों को ही आधारभूत दक्षताओं से परिपूर्ण किया जाएगा।

निपुण बनने के लिए छात्र का निपुण टेस्ट में पास होना आवश्यक है। इसके लिए लक्ष्य बनाए गए थे। इनमें बदलाव किया गया है। कक्षा एक और दो में भाषा में लेखन, मौखिक भाषा और पठन समझ पर जोर दिया गया है जबकि गणित में कक्षा एक और दो के लिए संख्या ज्ञान, संख्यात्मक पैटर्न, संख्यात्मक क्रियाएं, आकर पहचान पर विशेष जोर दिया गया है। गणित में नोट और सिक्कों का प्रयोग भी जोड़ा गया है।

गुरुकुल के निदेशक गजेन्द्र नाथ चौहान ने कहा कि दरअसल, नई शिक्षा नीति के तहत निपुण भारत मिशन की शुरुआत वर्ष 2021 में पूरे देश में की गई थी। इसे कक्षा 3 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू किया गया था, लेकिन आयु सीमा आठ वर्ष निर्धारित होने के कारण इसे कक्षा 2 तक ही चलाया जाएगा। इसमें शिक्षा व्यवस्था को एकीकृत, आनंदायक, सर्वसमावेशी और आकर्षक शिक्षा व्यवस्था में बदलने पर फोकस किया जाता है।छोटे स्कूली बच्चों के समग्र विकास एवं बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर निपुण भारत मिशन जिले के प्राइमरी स्कूलों में लागू किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।

कक्षा तीन में पढ़ने वाले बच्चों में भाषा व गणित में दक्षता बढ़ाने के लिए जिले में मिशन निपुण कार्यक्रम चलाया जाएगा। सभी गतिविधियों को संचालित करने के लिए प्रखंड एफएलएन प्रबंध इकाई गठित करने का निर्देश दिया है। सौ दिन का कार्ययोजना तैयार कर इस कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इससे तीन से आठ वर्ष के बीच बच्चों को बुनियादी साक्षरता व संख्या के तहत निर्धारित कक्षा तीन की भाषा व गणित की दक्षता को प्राप्त करने में सहूलियत मिलेगी। मौके पर देवी संस्थान की टीम राहुल अवस्थी,ब्रिंग बैक इंडियन कल्चर के सह-संस्थापक कृष्णा कांत राय मौजूद थे।
