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September 17, 2026

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झारखंड वासी एकता मंच द्वारा बिष्टुपुर गोपाल मैदान में विराट टुसू मेला का आयोजन 21 जनवरी को

जमशेदपुर : झारखंड वासी एकता मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो व संयोजक सह सांसद विद्युत वरण महतो ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि आगामी 21 जनवरी (मंगलवार) को बिष्टुपुर गोपाल मैदान में विराट टुसू मेला का आयोजन किया जाएगा. इस वर्ष भी मेला में टुसू प्रतिमा व चौड़ल लेकर आनेवाले प्रतिभागियों को अलग अलग श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा. साथ ही बुढ़ी गाड़ी नाच प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करनेवालों को भी नकद इनाम दिए जाएंगे. सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा. पुरस्कार के मद में सांत्वना पुरस्कार छोड़कर तीन श्रेणियों (टुसु, चौड़ल व बुढ़ी गाड़ी नाच) में कुल 15 पुरस्कार दिए जाएंगे. वे आज सोनारी स्थित निर्मल भवन में पत्रकार सम्मेलन में उक्त जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मेला में झारखंड सहित ओड़िशा, पश्चिम बंगाल तथा छत्तीसगढ़ राज्य के कई जिलों से भी कई लोग व समिति मेला में भाग लेंगे. सुबह 7 बजे से ही लोग मेला में टुसु व चौड़ल लेकर पहुंचने लगते हैं. बताया कि मेले की शुरुआत वर्ष 2006 में पूर्व सांसद स्व. सुनील महतो ने की थी. तभी से आज तक हर वर्ष 21 जनवरी को टुसू मेला का आयोजन हो रहा है. मेला में आनेवालों की सुरक्षा के लिए मंच के कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे. संवाददाता सम्मेलन में विद्युत महतो, आस्तिक महतो के साथ फणीन्द्र महतो, सुखदेव महतो, बबलू महतो, सचिन महतो, गोपाल महतो, करमू हांसदा, धनंजय महतो, चुनका मार्डी, कमल महतो, विजय महतो, अशोक महतो, ओपा सिंह, कैलाश सिंह सहित कई सदस्य मौजूद थे।

संयोजक सह सांसदविद्युत महतो ने कहा कि बदलते परिवेश में परिधान के साथ साथ सोच न बदले, इसलिए इस पर्व के रीति रिवाज को जीवित रखने की ज़रूरत है. हर जगह मकर व टुसु पर्व के महान विरासत को कायम रखने की जिम्मेवारी आनेवाली पीढ़ी पर है. उन्होंने राज्य सरकार से टुसु पर तीन दिन की छुट्टी घोषित करने की मांग की।

मुख्य संयोजक आस्तिक महतो ने कहा कि गत वर्ष लगभग 200 से अधिक टीम पहुँची थी, उम्मीद है कि इस बार और अधिक टीम पहुँचेगी. उन्होंने अन्य समाज के लोगों को भी मेला में आकर अपनी संस्कृति व कला को प्रदर्शित करने का आमंत्रित किया. कहा कि अन्य प्रदेश के लोग भी आएं और झारखंड की संस्कृति को नजदीक से देखें. साथ ही युवाओं से उन्होंने अपनी संस्कृति व धरोहर को बचाने की अपील की।

टुसू प्रतिमा का पुरस्कार

प्रथम-31 हजार

द्वितीय-25 हजाार

तृतीय-20 हजार

चतुर्थ-15 हजार

पंचम-11 हजार

छठा-7 हजार

सातवां-5 हजार रु

चौड़ल का पुरस्कार

प्रथम-25 हजाार

द्वितीय-20 हजार

तृतीय-15 हजार

चतुर्थ-5 हजार रु

बुढ़ी गाड़ी नाच का पुरस्कार

प्रथम-15 हजार

द्वितीय-11 हजार

तृतीय-7 हजार

चतुर्थ-5 हजार रु

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