सिदगोड़ा में मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत बाल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
जमशेदपुर, 5 फरवरी। मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत बाल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के समाज कल्याण शाखा एवं बाल संरक्षण इकाई द्वारा सिदगोड़ा स्थित टाउन हॉल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसडीओ शताब्दी मजूमदार ने बताया कि यह भारत सरकार की योजना है। मिशन वत्सल में वैसे लोगों को देखते हैं, जिनके माता-पिता का निधन हो गया है, या केवल माता है।

ऐसे माता-पिता जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो, ऐसे बच्चों के लिए हम लोग ₹4000 की राशि देते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी अवश्य होना चाहिए ताकि वैसे बच्चों तक लाभ पहुंचाया जा सके। एक परिवार में तीन-तीन बच्चों को यह लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में सखी सेंटर भी है। वन स्टॉप सेंटर रेड क्रॉस में है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के बारे में अगर जानकारी हो, तो वह अवश्य बताएं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को गोद लेने के प्रक्रिया है। जिसमें कागजी कार्रवाई पूरी करनी पड़ती है। हम लोग चाहते हैं की बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना है। इसके लिए ग्राम स्तर तक बाल संरक्षण समिति का निर्माण किया गया है। यह समिति भ्रूण हत्या, बाल विवाह, बच्चों का गुम हो जाना आदि पर नजर रखती है।

वहीं जिले के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि ऐसे बच्चों का पुनर्वास कैसे किया जाए? हम लोग तीन स्तर पर काम करते हैं। पहले कोई ऐसे बच्चों को स्पॉन्सर करें, दूसरा ऐसे बच्चों को गोद ले और तीसरा ऐसे बच्चों को घर का माहौल में कैसे यह प्रवेश कराए। इसके लिए थाना, प्रशासनिक व्यवस्था, मुखिया सभी लोग यहां आए हुए हैं, ताकि इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। वही बाल संरक्षण पदाधिकारी संध्या रानी ने बताया कि हमारा उद्देश्य ऐसे अनाथ बच्चों की सही देखभाल हो, क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य हैं।
