प्राचीन परंपरा गुड्डा गुड़िया की शादी : जमशेदपुर में छत्तीसगढ़ समाज के लोगों ने अभी भी रखा है जीवित
जमशेदपुर : आमतौर पर लोग यह मजाक में लेते हैं कि क्या आप गुड्डा गुड़िया की शादी रचा रहें हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ समाज के द्वारा अपनी पुरानी परंपरा को बचाए रखने और नई पीढ़ी को गुड्डा गुड़िया की शादी के महत्व को बरकरार रखने के लिए प्रत्येक वर्ष गुड्डा गुड़िया की शादी कराई जाती है।

वैसे छत्तीसगढ़ समाज के महिला हो या पुरुष या बच्चे सभी शादी में बढ़कर चढ़ कर भाग लेते हैं। जैसे आम इंसान की शादी होती है ठीक उसी तरह गुड़िया को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मेहंदी का रसम के साथ हल्दी का रस्म अदा की जाती है। इतना ही नहीं शाम में पूरे रीति रिवाज के साथ बारात और रात में शादी और पार्टी होता है। गौरतलब बात यह है कि इसमें काफी संख्या में लोग बराती पहुंचते हैं।

हालांकि यहां भी मेहंदी का रस्म अदा किया गया जिसमें सैकड़ो लोग शामिल हुए। महिलाएं एवं युवतियां मेहंदी लगाते नाचते गाते और एक दूसरे को शादी की बधाई देते नजर आ रहे हैं। इतनी हीं नहीं जमकर पार्टी भी मनाई गई। वैसे यह काफी पुरानी परंपरा है और इस परंपरा को आज भी छत्तीसगढ़ समाज के लोग जीवित रखे हुए हैं।
