लोहरदगा में अपराधियों का तांडव: सड़क निर्माण साइट पर तीन राउंड फायरिंग, वाहनों में लगाई आग; गार्ड को लगी गोली
लोहरदगा जिले के कुड़ू (सदर थाना) क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। कैमो महुवाटोली में चल रहे बाइपास सड़क निर्माण स्थल पर गुरुवार देर रात मोटरसाइकिल सवार दो सशस्त्र बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग और आगजनी की। बदमाशों द्वारा की गई करीब तीन राउंड गोलाबारी में साइट की सुरक्षा में तैनात गार्ड शशिभूषण लकड़ा के हाथ में गोली लग गई। लहूलुहान अवस्था में उन्हें पहले लोहरदगा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए रांची रेफर कर दिया।
बाइक से पहुंचे थे दो हथियारबंद अपराधी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात एक बाइक पर सवार होकर आए दो नकाबपोश/हथियारबंद बदमाशों ने महुवाटोली स्थित सड़क निर्माण स्थल पर अचानक धावा बोला। पहुंचते ही उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसी दौरान रंगदारी और दहशत फैलाने की नीयत से उन्होंने फायरिंग कर दी, जिसकी चपेट में आकर सुरक्षा गार्ड शशिभूषण लकड़ा घायल हो गए। अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी से पूरी साइट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
गोलीबारी के बाद वाहनों में लगाई आग
गोली चलाने के बाद भी बदमाशों का मन शांत नहीं हुआ। दहशत फैलाने के इरादे से अपराधियों ने निर्माण स्थल पर खड़ी गाड़ियों और मशीनों में आग लगा दी, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
एसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
सड़क निर्माण स्थल पर हमले और आगजनी की सूचना मिलते ही लोहरदगा पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुद मौका-ए-वारदात पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच-पड़ताल की और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। इलाके को सील कर पुलिस आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी माध्यमों से सुराग तलाश रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
लेवी या विकास कार्य बाधित करने की आशंका
पुलिस इस हमले के पीछे के असल मकसद को लेकर विभिन्न पहलुओं से तफ्तीश कर रही है। शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि यह वारदात निर्माण एजेंसी से मोटी लेवी (रंगदारी) वसूलने, क्षेत्र में अपनी दहशत कायम करने अथवा विकास कार्यों को ठप करने की नीयत से अंजाम दी गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सदर जिला मुख्यालय से बेहद कम दूरी पर हुई इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस घटना के बाद से निर्माण कंपनी के कर्मियों और स्थानीय निवासियों में भारी डर व्याप्त है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और अपराधियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।
रांची में चल रहा घायल गार्ड का इलाज
फायरिंग में घायल गार्ड शशिभूषण लकड़ा की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और रांची के अस्पताल में उनका उपचार जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि घटना में संलिप्त अपराधियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


