SM steel के द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के खिलाप उपायुक्त सराइकेला को सोपा ज्ञापन।
ज्ञापन के मध्यम से उपायुक्त से लगाई न्याय की गुहार।
निमडीह : सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गौरडीह मौजा में एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा आदिवासियों के जमीन को भू माफिया एवं अधिकारियों के मिलीभगत से जमीनों को अधिग्रहण किया जा रहा ।
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इस मामले का संबंध अवैध रूप से अंचलाधिकारी नीमडीह, अनुमण्डल पदाधिकारी चापिडल, और S.M. Steels & Power Limited कंपनी के साथ जमीन के अवैध अधिग्रहण के साथ जोड़ा जा रहा है। ग्रामवासियों का मानना है कि गौरडीह एक अनुसूचित क्षेत्र है और इसे संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत पूर्णरूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके अनुसार, इस क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के लिए विशेष प्रावधान है।गौरडीह ग्राम मौजा के ग्रामीणों की मुख्य आजीविका कृषि है, और उनके पूर्वजों ने इसे अक्षम्य बनाया है। इस क्षेत्र में विकास की प्रगतिशीलता के माध्यम से आदिवासी समाज को शामिल किया जा सकता है। लेकिन, अवैध रूप से जमीन के अधिग्रहण की सूचना आने के बाद, ग्रामीण समुदाय में चिंता की आवाज बुलंद हो गई है। ग्रामीणों ने यह दावा किया है कि अंचलाधिकारी नीमडीह और अनुमण्डल पदाधिकारी चापिडल द्वारा अवैध रूप से जमीन के अधिग्रहण का काम चल रहा है,और इस काम में SM Steels & Power Limited कंपनी और भू-माफिया भी शामिल हैं। इस प्रकार का अवैध अधिग्रहण ग्रामीण समुदाय के अधिकारों को हानि पहुंचा रहा है और उनके मौजूदा आजीविका स्रोत को खतरे में डाल रहा है।गौरडीह ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर क्षेत्रीय उपायुक्त महोदय के पास ज्ञापन पहुंचाया है और उन्हें इस मुद्दे का तत्कालीन समाधान करने की अपील की है। वे अपने अधिकारों की संरक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों से न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि उचित कार्रवाई कर जमीन के अवैध अधिग्रहण को रोका जाएगा और ग्रामीण समुदाय को उनके अधिकारों की संरक्षा मिलेगी। जानकारी देते हुए पारंपरिक मुंडा खगेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि गौरडीह ग्राम मौजा को पूर्णरूप से अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने के साथ ही उसके विकास को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। कृषि उनके लिए मुख्य आजीविका स्रोत होने के साथ-साथ, उनकी संस्कृति, ऐतिहासिक महत्व और भूमिहीन समुदाय के रूप में उनकी पहचान भी है। ग्रामीणों का यह अनुरोध है कि सरकार उनकी समस्याओं को सुने और इस मुद्दे का तत्कालीन समाधान करें, ताकि उनका विकास हमेशा सुनिश्चित रहे।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, ग्रामीण समुदाय का आश्वासन है कि उनकी आवाज सरकार के नेताओं तक पहुंचेगी और इस अवैध अधिग्रहण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्राम मौजा गौरडीह के ग्रामीण समुदाय की आस्था और उम्मीद इस बात पर निर्भर है कि सरकार उनके अधिकारों की संरक्षा करेगी और इस मुद्दे को न्यायपूर्ण तरीके से संघर्षित करेगी।इस विषय पर साक्ष्य देने के लिए, गौरडीह ग्राम मौजा के ग्रामीणों ने अवैध अधिग्रहण के संबंध में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया है।

वे संघर्ष जारी रखेंगे ताकि अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए लड़ते रह सकें।गौरडीह ग्राम मौजा में अवैध अधिग्रहण के मामले पर ग्रामीणों की चिंता का खंडन। ग्रामीण समुदाय का दावा है कि उनकी आवाज को सरकार सुनेगी और संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी। अवैध अधिग्रहण को रोकने के साथ-साथ, गौरडीह ग्रामीण समुदाय का विकास भी महत्वपूर्ण है ताकि वे स्वाभिमानपूर्ण रूप से अपनी पहचान बनाए रख सकें और अपनी आजीविका को सुरक्षित रख सकें।
