सरकार के बांग्ला भाषा विरोधी करवाई के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
झारखण्ड सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे बांग्लाभाषा एवं बांग्ला भाषी विरोधी करवाई के विरोध में पूरे प्रदेश भर में बांग्ला भाषी समाज द्वारा झारखण्ड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति के बैनर तले आन्दोलन प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके तहत आज पूरे प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया गया और जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा किया गया। इस दौरान जमशेदपुर जिला मुख्यालय पर जमशेदपुर के विभिन्न बांग्लाभाषी संगठनो द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया।

हाल के दिनों में प्रदेश के शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए बयान जिसमे उन्होंने,पहले छात्र लाइए फिर पुस्तक एवं शिक्षक देंगे, एवं रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से उनका नाम हटाए जाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा । इस दौरान झारखण्ड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति के पूर्वी सिंहभूम जिला महासचिव श्री जूरान मुखर्जी द्वारा बताया कि हाल के दिनों में प्रदेश सरकार द्वारा बांग्ला भाषा एवं बांग्ला भाषियों के भावना के साथ जिस प्रकार से खिलवाड़ किया जा रहा है उससे पूरे प्रदेश में बांग्ला भाषी समाज में रोष व्याप्त है और समाज की ओर से इसके विरुद्ध राज्यव्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है। जिसके पहले चरण में आज प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को विरोध पत्र भेजा जा रहा है।

इस प्रकार का कार्यक्रम पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका, जामताड़ा, हजारीबाग, कोडरमा सहित अन्य जिलों में आयोजित किया जा रहा है। आन्दोलन के अगले चरण में दिनांक 19 मई को सिलचर, असम के भाषा शहीद दिवस के अवसर पर धनबाद के रणधीर वर्मा चौक से प्रदेश भर के लिए बांग्ला जनजागरण अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसे प्रदेश के सभी पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा। जमशेदपुर में आयोजित होने वाले राज्यधिवेशन में सभी जिलों के बांग्लाभाषी संगठनों के साथ विचार विमर्श के बाद आन्दोलन की अगली रूप रेखा तैयार की जाएगी। उन्होने कहा कि अब किसी भी स्थिति में प्रदेश का बांग्लाभाषी समाज चुप नहीं बैठेगा।
