July 21, 2024

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आदिवासी उरांव सरना समिति जिलिगदा ग्राम मैं सरहुल पारंपरिक रिती रिवाज से साल पेड़ की पूजा अर्चना की गई।

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आजा कुचाई प्रखंड के अंतर्गत आदिवासी उरांव सरना समिति जिलिगदा ग्राम मैं सरहुल पारंपरिक रिती रिवाज से साल पेड़ की पूजा अर्चना की गई इस मौके पर समिति के अध्यक्ष राकेश उरांव उपाध्यक्ष मानिक कुजूर आशा कुजुर रेखा कुजुर सीताराम उरांव रिंकू कुजूर कृष्णा जंग क मुनी उरांव राजेन तिर्की शंभू लकड़ा बहुत संख्या में महिलाओं एवं पुरुष ने सरहुल समारोह में उपस्थित होकर साल की डाली रखकर विधि विधान पूर्वक पूजा किया नाच गान कर हर्ष उल्लास के साथ सभी ने मिलकर पर्व मनाया इस मौके पर समिति के अध्यक्ष राकेश उरांव ने कहा कि सरहुल प्राकृतिक से जुड़ा पर्व है और इस संस्कृति परंपरा का पालन कालांतर से चलती आ रहा है हमारे भारत देश इन्हीं परंपराओं से जाना जाता है इस पारंपरिक संस्कृति की बचाए रखने के लिए हम सभी की भागीदारी जरूरी है समिति के उपाध्यक्ष मानिक कुजुर ने कहा प्राकृतिक सुरक्षा एवं आपसी भाईचारा के साथ मिलजुल कर सरहुल पर्व मनाने का संदेश देता है इस वुक्ष के पूजने और इसकी फूलों की अर्पण करने के पीछे सुखआ वुक्ष के साथ मनुष्य का सहजीवी संबंध है।

Tribal Oraon Sarna Committee under Aaja Kuchai block, in Jiligda village, Sarhul worshiped Sal tree with traditional rituals, on this occasion the chairman of the committee, Rakesh Oraon, vice-president, Manik Kujur, Asha Kujur, Rekha, Kujur, Sitaram, Oraon, Rinku, Kujur, Krishna Jang, Muni Oraon, Rajen Tirkey Shambhu Lakda A large number of women and men attended the Sarhul ceremony and worshiped it according to the rules and regulations. Everyone celebrated the festival by dancing and singing. On this occasion, the chairman of the committee, Rakesh Oraon said that Sarhul is connected with natural It is a festival and following this cultural tradition has been going on since time immemorial. Our country India is known for these traditions. Participation of all of us is necessary to preserve this traditional culture. The message of celebrating the Sarhul festival together gives the message that behind the worship of this tree and the offering of its flowers, man has a symbiotic relationship with the dry tree.

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