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August 18, 2026

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आंध्र प्रदेश में स्वर्ण खनन क्रांति: CM चंद्रबाबू नायडू ने किया जोंनागिरी गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन, सालाना 400 किलो सोने के उत्पादन की उम्मीद

परिचय (Introduction / Lead Paragraph)

आंध्र प्रदेश के औद्योगिक और माइनिंग सेक्टर के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले के तुग्गली मंडल के अंतर्गत आने वाले जोंनागिरी में देश के एक बहुत बड़े निजी क्षेत्र के गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया है। इस विशेष परियोजना की शुरुआत के साथ ही अब आंध्र प्रदेश भारत के स्वर्ण उत्पादन के मानचित्र पर एक नए और मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरने के लिए तैयार है।

उद्घाटन और कार्यक्रम का विवरण (Inauguration Details)

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बुधवार को दोपहर से ठीक पहले जोंनागिरी पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सबसे पहले सोने के प्रसंस्करण (Gold Processing) से जुड़े प्लांट की पहली यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके तुरंत बाद, उन्होंने जियो मैसूर प्लांट के आगामी दूसरे चरण के विस्तार कार्य के लिए भूमि पूजन किया और उसकी आधारशिला भी रखी।

405 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुआ प्रोजेक्ट (Project Investment & Development)

जोंनागिरी के इस स्वर्ण माइनिंग प्रोजेक्ट को जियो मैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए कंपनियों द्वारा लगभग 405 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश किया गया है। व्यावसायिक स्तर पर परिचालन शुरू करने से पहले, यहाँ खदानों और प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Units) का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था।

KGF के बाद भारत के गोल्ड मैप पर जोंनागिरी की एंट्री (The KGF Connection)

जब भी भारत में सोने के खनन की बात आती है, तो लोगों के जेहन में सबसे पहला नाम कर्नाटक की प्रसिद्ध कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) का आता है। लेकिन अब समय बदल रहा है। आंध्र प्रदेश का कुरनूल जिला देश के स्वर्ण इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। जोंनागिरी में निजी क्षेत्र की इस विशाल स्वर्ण परियोजना के शुरू होने से यह क्षेत्र देश के प्रमुख स्वर्ण उत्पादक केंद्रों की सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है।

1,500 एकड़ जमीन पर विकसित होगा प्रोजेक्ट (Land Allocation & Phases)

आंध्र प्रदेश सरकार ने इस वृहद गोल्ड फील्ड्स परियोजना के विकास के लिए कुल 1,500 एकड़ भूमि आवंटित की है। इस योजना को चरणों में पूरा किया जाएगा:

  • प्रथम चरण: शुरुआत में 600 एकड़ के दायरे में माइनिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसके लिए आवश्यक प्रोसेसिंग प्लांट पूरी तरह तैयार हैं।
  • द्वितीय चरण: आने वाले समय में परियोजना का दायरा बढ़ाते हुए शेष बची हुई जमीन पर भी इसका विस्तार किया जाएगा।

पहले साल 400 किलो सोने के उत्पादन का लक्ष्य (Production Target)

शुरुआती परिचालन के तहत, इस माइनिंग प्रोजेक्ट से पहले वित्तीय वर्ष में लगभग 400 किलोग्राम शुद्ध सोने के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद कंपनियों की योजना इसकी क्षमता को और तेजी से बढ़ाने की है, जिससे अगले साल तक वार्षिक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 900 किलोग्राम तक पहुँचाया जा सके।

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