AAP छोड़ने वालों पर भगवंत मान का तंज, कहा- अदरक, लहसुन कभी सब्जी नहीं बन पाएंगे
राजनीतिक हलकों में मची खलबली आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहे घमासान के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज़ में विरोधियों पर निशाना साधा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों के बीच मान ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर कड़ा तंज कसा है। मुख्यमंत्री ने इन नेताओं की तुलना रसोई के उन मसालों से की है जो तड़का तो लगा सकते हैं, लेकिन खुद मुख्य आहार नहीं बन सकते।
7 सांसदों की मसालों से तुलना मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 7 विशिष्ट सामग्रियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया—ये ऐसी सात चीजें हैं जो किसी भी सब्जी के स्वाद को बढ़ा सकती हैं। लेकिन विडंबना यह है कि ये सातों मिलकर भी कभी खुद ‘सब्जी’ (मुख्य डिश) नहीं बन सकतीं। इस उदाहरण के जरिए मान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि इन नेताओं की अहमियत पार्टी (AAP) के साथ ही थी, अकेले राजनीति में इनका कोई बड़ा अस्तित्व नहीं है।

राघव चड्ढा समेत इन पर साधा निशाना यह तंज विशेष रूप से राघव चड्ढा और उन अन्य 6 सांसदों के लिए देखा जा रहा है जिनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। भगवंत मान का मानना है कि पार्टी ने इन नेताओं को पहचान दी, लेकिन अब वे ‘लाइन’ से बाहर जा रहे हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में यह स्पष्ट कर दिया कि जो लोग पार्टी की विचारधारा को छोड़कर जा रहे हैं, वे राजनीति के ‘साइड डिश’ बनकर रह जाएंगे।
पार्टी में टूट और आगामी रणनीति गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राघव चड्ढा को पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद से ही खींचतान बढ़ गई थी। सूत्रों के मुताबिक, राघव चड्ढा समेत कई सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं। भगवंत मान के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब इन बागियों के प्रति कोई नरम रुख नहीं रखने वाली है। जहाँ एक तरफ संजय सिंह जैसे नेता इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं मान ने अपनी व्यंग्यात्मक शैली से बागियों की राजनीतिक हैसियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
