नेता प्रतिपक्ष के बिना आज से शुरू होगा मॉनसून सत्र, बिहार विधानसभा में पेश होंगे 13 जरूरी विधेयक, इन मुद्दों पर घिर सकती है सरकार
बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के विदेश में होने के कारण इस सत्र का आगाज उनके बिना ही होगा। 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलने वाले इस 5 दिवसीय सत्र में कुल 13 महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का यह पहला मॉनसून सत्र है। एक ओर विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के हर प्रहार का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी कर रखी है।
ये विधेयक किए जायेंगे पेश
इस बार के मॉनसून सत्र के दौरान राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों को मंजूरी मिल सकती है। सत्र में पेश किए जाने वाले 13 प्रमुख विधेयकों में ‘बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026’, ‘बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026’, ‘बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026’ और ‘बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026’ जैसे कई अहम बिल शामिल हैं।
इन मुद्दों पर घिर सकती है सरकार
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: विपक्ष भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण को लेकर सरकार पर तीखे हमले कर सकता है। इस मामले की फिलहाल न्यायिक जांच चल रही है। सत्ताधारी गठबंधन के अंदर भी इसे लेकर मतभेद देखने को मिले थे, ऐसे में विपक्ष इसे सदन में पुरजोर तरीके से उठाएगा।
- राबड़ी देवी का सरकारी आवास विवाद: भवन निर्माण विभाग द्वारा राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिए जाने का मामला गरमाया रह सकता है। इस नोटिस के बाद लालू यादव का परिवार कौटिल्य नगर स्थित नए मकान में शिफ्ट हो चुका है।
- सुरक्षा व्यवस्था में कटौती और बहाली: पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी घटाने और फिर कुछ दिनों बाद उसे बहाल (जेड कैटेगरी) करने के सरकारी फैसले पर भी विपक्ष हमलावर रुख अपना सकता है।
- रिशु श्री और टेंडर घोटाला: सरकारी विभागों में टेंडर आवंटन में धांधली और रिशु श्री से जुड़े प्रकरण पर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है। इस पूरे मामले में भी जांच एजेंसी जुटी हुई है।
- कानून-व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार: इसके अतिरिक्त, प्रदेश में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और अन्य राजनीतिक समसामयिक मुद्दों को लेकर भी सदन के भीतर हंगामे के पूरे आसार हैं।
