NEET परीक्षार्थियों के लिए CM सम्राट का ऐलान, सरकारी बसों में कर सकेंगे मुफ्त यात्रा, बस करना होगा यह काम
नीट (NEET) की पुनः परीक्षा आयोजित होने से पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्र हित में एक बड़ा संवेदनशील निर्णय लिया है। सरकार की ओर से किए गए इस नए ऐलान के तहत इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वाले सभी छात्र बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों में बिना कोई किराया दिए सफर कर सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा। इस कल्याणकारी कदम से प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने में लगने वाले आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिलेगी।
पेपर लीक के बाद दोबारा हो रही परीक्षा
उल्लेखनीय है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को पेपर लीक के बड़े विवाद के बाद निरस्त कर दिया गया था। परीक्षा के अचानक रद्द होने से छात्रों के बीच काफी रोष और मानसिक तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके साथ ही, दोबारा परीक्षा देने जाने के लिए सफर के खर्चे और अन्य असुविधाओं को लेकर भी अभ्यर्थी और उनके परिवार बेहद चिंतित थे। इसी पृष्ठभूमि में बिहार सरकार का यह मुफ्त यात्रा का फैसला परीक्षार्थियों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा बनकर सामने आया है।
बस स्टैंड से लेकर सेंटर तक सुविधाओं की तैयारी
न केवल मुफ्त यात्रा, बल्कि सुचारू व्यवस्था के लिए भी मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासनों को मुस्तैद रहने का हुक्म दिया है। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास छात्रों के लिए पीने का साफ पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, सत्तू और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों जैसी प्राथमिक सुविधाओं का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि दूर-दराज के इलाकों या दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम
आगामी परीक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। परीक्षा वाले दिन सेंटरों के पास जाम की स्थिति न बने, इसके लिए यातायात नियंत्रण (ट्रैफिक मैनेजमेंट) और कड़े सुरक्षा इंतजामों की रूपरेखा तैयार की गई है। साथ ही रूटों पर अतिरिक्त सरकारी बसें चलाने का प्लान भी बनाया गया है, ताकि सभी छात्र समय रहते और बिना किसी परेशानी के अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच सकें।
लाखों छात्रों को फायदा
देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हर वर्ष लाखों युवा डॉक्टर बनने के सपने के साथ बैठते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं और परीक्षा दोबारा होने से उन पर न केवल मानसिक बल्कि आर्थिक दबाव भी बढ़ गया था। कई अभ्यर्थियों ने रहने और परिवहन के बढ़ते खर्चों को लेकर चिंता जाहिर की थी। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी गई इस मुफ्त परिवहन सेवा की घोषणा को एक बड़ी और समयोचित राहत के रूप में देखा जा रहा है।
सिर्फ एडमिट कार्ड से मिलेगी सुविधा
शासन ने इस योजना के नियमों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि निशुल्क यात्रा का लाभ उठाने के लिए छात्रों के पास नीट (NEET) का वैध प्रवेश पत्र (Admit Card) होना अनिवार्य है। सरकार ने अभ्यर्थियों से यह भी अनुरोध किया है कि वे परीक्षा के दिन समय से थोड़ा पहले अपने घरों से प्रस्थान करें और सफर के वक्त अपने एडमिट कार्ड को हमेशा साथ रखें। इस घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा में शामिल होने जा रहे सभी होनहार छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं।
