पेट्रोल-डीजल के बाद CNG पर भी लगी महंगाई की आग, 8 दिन में 4 रुपये का उछाल
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में गहराते राजनीतिक संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में लगातार तेजी आ रही है। इस वैश्विक उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है। शनिवार, 23 मई को देश में सीएनजी (CNG), पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा दर्ज किया गया है। जहां पेट्रोल के दाम 87 पैसे और डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं, वहीं सीएनजी की दरों में भी 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। इस नए झटके से आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।
सीएनजी अब कितनी महंगी हुई?
इस ताजा मूल्य वृद्धि के लागू होने के बाद देश की राजधानी दिल्ली (NCT) में सीएनजी के दाम 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं। वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के इलाकों में यह कीमत 89.70 रुपये प्रति किलो हो गई है। गुरुग्राम में सीएनजी का नया भाव 86.12 रुपये प्रति किलो है, जबकि कानपुर में उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा 92.42 रुपये प्रति किलो का भुगतान करना होगा। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर गैस खरीद की बढ़ती लागत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई कमजोरी की वजह से खुदरा कीमतों को बढ़ाना पड़ा है।
8 दिनों में 4 रुपये का उछाल क्यों?
चालू मई महीने के दौरान उपभोक्ताओं को महंगाई का यह तीसरा बड़ा झटका लगा है। केवल पिछले 8 से 10 दिनों की अवधि के भीतर ही सीएनजी के दाम कुल मिलाकर 4 रुपये प्रति किलोग्राम तक उछल चुके हैं। गौरतलब है कि 15 मई से पहले दिल्ली में एक किलो सीएनजी की कीमत 77.09 रुपये थी, जो 15 मई को 2 रुपये और फिर 17 मई को 1 रुपये बढ़कर 80.09 रुपये हुई थी। आज 23 मई को पुनः 1 रुपये की तेजी आने से यह 81.09 रुपये के स्तर पर आ गई है। सीएनजी के साथ-साथ इस 10 दिनों के अंतराल में पेट्रोल और डीजल भी लगभग पौने पांच रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी की वजह से कार, मोटरसाइकिल, ऑटो और टैक्सी के जरिए दैनिक सफर करने वाले आम लोगों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाएगा। इसकी सबसे बड़ी मार उन कमर्शियल और सार्वजनिक वाहन चालकों पर पड़ेगी, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल के एक किफायती विकल्प के रूप में सीएनजी को अपनाया था। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) की लागत बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में बाजार में हरी सब्जियां, फल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ने की भी पूरी आशंका है। हालांकि, गैस सप्लायर कंपनियों का तर्क है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद, पेट्रोल और डीजल की तुलना में सीएनजी वाहनों को चलाने का खर्च अभी भी करीब 45 फीसदी तक कम ही रहेगा।
