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September 17, 2026

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टाना भगत इंडोर स्टेडियम खेलगांव रांची में आयोजित “रोजगार मेला” में 2500 कौशल प्राप्त युवाओं का ऑफर लेटर वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन..

रांची मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तब ठीक से हम मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं कर पाए और कोरोना संक्रमण जैसी महामारी देश और दुनिया को अपने चपेट में ले ली। कोविड संक्रमण इतना भयावह और डरावना था कि पूरा देश और दुनिया रुक सा गया। देश ने इससे पहले इस तरीके की वैश्विक चुनौती कभी नहीं देखी थी। इस प्रकार का वैश्विक संक्रमण पिछड़े एवं गरीब राज्यों के लिए सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाली होती है। गरीब, मजदूर एवं जरूरतमंदों के लिए यह अभिशाप के जैसा था।

सभी लोग अपने-अपने घरों के भीतर बन्द रहने के लिए मजबूर हो गए थे। लॉकडाउन में रोजगार के सभी साधन बंद हो गए। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान प्रवासी मजदूरों को हुआ क्योंकि वे बेघर हो गए। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज टाना भगत इंडोर स्टेडियम खेलगांव रांची में आयोजित “रोजगार मेला” में 2500 कौशल प्राप्त युवाओं को ऑफर लेटर का वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।कोरोना संक्रमण में बेहतर मैनेजमेंट व्यवस्था बनाईमुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन के समय हवाई जहाज सहित विभिन्न माध्यमों से वापस घर लाने का कार्य कर दिखाया। लॉकडाउन के कारण कई इंडस्ट्री बंद हुए जो आज तक उबर नहीं पाए।

कोरोना संक्रमण का असर आज भी कहीं न कहीं देखने को मिल रहा है। ऐसी विपरीत स्थिति में भी हमारी सरकार ने एक बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण देते हुए बिना कोई अपना-तफरी के राज्यवासियों और प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित रखने का काम कर दिखाया है। वैश्विक महामारी के समय हमारी सरकार के अधिकारी निरंतर यहां के जनमानस को बचाने का रास्ता ढूंढते रहे। राज्य सरकार एवं महिला समूह की दीदियों ने गांव-गांव पंचायत-पंचायत पहुंचकर लोगों को खाना खिलाया, घरों पर अनाज उपलब्ध कराया। कोविड से निपटने में हमारी महिला दीदियों का भी महत्वपूर्ण भूमिका रहा है।झारखंड की खनिज-संपदा से दूसरे राज्य हुए रोशनमुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जैसे ही कोरोना संक्रमण का धुंध छटा राज्य सरकार ने रोजगार सृजन को लेकर एक बेहतर रणनीति बनाई और दूसरे प्रदेश से लौटे मजदूर सहित यहां के किसान, गरीब, जरूरतमंदों को कई योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 100 वर्ष से भी अधिक समय से झारखंड में खनिज-संपदा निकालने का काम किया गया परंतु यहां की खनिज-संपदा का पूरा लाभ राज्यवासियों को नहीं मिला बल्कि दूसरे प्रदेश के लोगों के घर हमारे खनिज-संपदाओं से रोशन हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य के कोयला से दूसरे राज्य रोशन हुए और झारखंड अंधेरे में रहने को मजबूर हुआ। हमारी सरकार ने खनिज-संपदा के अतिरिक्त भी कई विभिन्न क्षेत्रों में संभावना तलाशते हुए रोजगार सृजन कराया।निजी क्षेत्र में 75% नियुक्तियां स्थानीय लोगों को मिले इस निमित बनाया नियममुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड में एक बेहतरीन उद्योग पॉलिसी बनाते हुए टेक्सटाइल इंडस्ट्री को जोड़ा। राज्य सरकार और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लोगों ने वादे के मुताबिक 75% स्थानीय लोगों को अपने संस्थानों में नियुक्तियां दीं। राज्य सरकार के साथ-साथ टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लोगों ने भी कदम से कदम मिलते हुए जरूरतमंद लोगों को रोजगार से जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षो में 50 हजार से अधिक युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में नियुक्तियां देने का काम राज्य सरकार ने कर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गांव-देहात के नौजवान फौज में नौकरी करने की तैयारी करते थे परंतु वर्तमान के समय में फौज में भी नियुक्तियां रुक सी गई हैं। गांव-देहात के वैसे बच्चे जो शहर में रहकर पढ़-लिख जाते थे वे बैंक और रेलवे में नौकरी की तैयारी करते थे लेकिन गलत नीति-निर्धारण के कारण आज बैंक तथा रेलवे में नौकरियां घटी हैं।

केंद्र सरकार के कई उद्यम अब निजी हाथों में चला गया है यही कारण है कि अब सरकारी नौकरियां कम हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक अच्छी उद्योग नीति बनाकर 75% स्थानीय लोगों को राज्य में स्थापित इंडस्ट्री में रोजगार देने का नियम बनाया है।आदिवासी-मूलवासी के योग्यता और क्षमता के अनुरूप बनाई गई योजनाएंमुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने जितनी भी योजनाएं बनाई हैं वे सभी योजनाएं यहां के आदिवासी-मूलवासी के योग्यता और क्षमता के अनुरूप ही बनाया गया है। चाहे योजना महिला के लिए हो या पुरुष के लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाएं अब धीरे-धीरे हुनरमंद होकर आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यहां की महिलाओं का भी अहम योगदान है। जितनी भी महिलाएं आज इस इंडोर स्टेडियम में मौजूद हैं कहीं न कहीं सभी आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी महिलाओं से अपील किया कि वह राज्य सरकार की भी योजनाओं से जुड़कर स्वरोजगार भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप स्वयं स्वरोजगार से जुड़ेंगे तो आने वाले समय में अन्य लोगों को भी आप रोजगार से जोड़ सकते हैं। वर्तमान राज्य सरकार की विभिन्न व्यवस्था से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं।रोटी, कपड़ा और मकान मनुष्य जीवन के लिए नितांत आवश्यकमुख्यमंत्री ने कहा कि रोटी, कपड़ा, और मकान हर मनुष्य की आवश्यकता होती है। कोई भी व्यक्ति बिना भोजन, बिना कपड़े और बिना छत के नहीं रह सकता है। कई चुनौतियां और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारी सरकार ने पक्के मकान से वंचित लोगों के लिए अबुआ आवास योजना का शुभारंभ किया है। हमारी सरकार एक-दो दिनों बाद से ही पात्र लोगों को इस योजना का लाभ देना

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