June 15, 2024

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डॉ रब्बानी ने शिक्षकों एवं छात्रों के साथ इसरो के अनुभवों को साझा किया

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कॉलेज ऑफ़ हॉर्टिकल्चर के शिक्षकों एवं छात्रों ने इसरो वैज्ञानिक डॉ अंगदी रब्बानी को साझा किया

बीएयू कुलपति ने नये कॉलेज के एसोसिएट डीन के रूप में डॉ रब्बानी के योगदान की सराहना की

रांची I बिरसा कृषि विश्वविद्यालय अधीन संचालित खुंटपानी (चाईबासा) स्थित नवस्थापित राज्य के एकमात्र कॉलेज ऑफ़ हॉर्टिकल्चर में चन्द्रयान – 3 मिशन की सफलता पर समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर शिक्षकों एवं छात्रों ने कॉलेज के एसोसिएट डीन डॉ अंगदी रब्बानी का परंपरागत तरीके से स्वागत किया एवं पुष्प गुच्छ भेंट किये एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया. मिशन की सफलता पर डॉ अंगदी ने कॉलेज परिसर में टिकोमा का पौधा रोपण किया.
इसरो से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. अंगदी रब्बानी वर्त्तमान में कॉलेज ऑफ़ हॉर्टिकल्चर, खुंटपानी, चाईबासा का नेतृत्व कर रहे हैं. अपने संदेश में कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को इस बात पर गर्व है कि चाईबासा जिले के खुटपानी गांव में स्थित कॉलेज ऑफ़ हॉर्टिकल्चर के नए परिसर के विकास के लिए इसरो के अनुभवी वैज्ञानिक हमारे साथ काम कर रहे हैं. इससे पूर्व बतौर नाहेप कंसलटेंट विश्वविद्यालय परिसर में बायोडाइवर्सिटी पार्क की स्थापना, सब्जी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली एवं सेब की खेती के शोध को बढ़ावा में इनका उल्लेखनीय सहयोग रहा है. जिससे आने वाले वर्षो में राज्य कृषि को एक नयी दिशा मिलेगी.
समारोह में कॉलेज के शिक्षकों एवं छात्रों ने चन्द्रयान – 3 मिशन की सफलता पर डॉ. रब्बानी को बधाई दी और उन्हें इसरो वैज्ञानिक टीम को कॉलेज की ओर से बधाई संदेश भेजने का आग्रह किया. शिक्षकों एवं छात्रों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाये. अपने बीच इसरो वैज्ञानिक की मौजूदगी पर शिक्षकों एवं छात्र – छात्राओं ने अपनी ख़ुशी जाहिर की और इसे कॉलेज और विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया.
अपने संबोधन में एसोसिएट डीन डॉ अंगदी रब्बानी ने कहा कि मुझे इसरो का वैज्ञानिक होने पर काफी गर्व है. जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम उतारकर एक वैश्विक तौर पर असंभव मुकाम को हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया. इसरो वैज्ञानिकों के लगन, कठिन परिश्रम एवं लगातार प्रयासों और देश के प्रति जज्बातों से भारत इस लक्ष्य को हासिल करने वाला विश्व अग्रणी और पहला देश बन गया है. उन्होंने कहा कि इस मिशन की लागत हॉलीवुड फिल्म में किए गए खर्च से काफी कम है. यह सफलता भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने वाले इसरो वैज्ञानिकों की टीम के निरंतर प्रयासों के कारण संभव हुई है. यह हमारे इसरो वैज्ञानिकों का राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस सफल लैंडिंग के साथ ही रोवर 14 दिनों तक चंद्रमा की जलवायु एवं मिट्टी की स्थिति और चंद्रमा के कई अन्य मापदंडों (खनिजों की तरह) का अध्ययन करेगा.
डॉ. अंगदी रब्बानी ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसएचएआर), श्रीहरिकोटा में एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में कार्य किया. इन्होंने इसरो में 34 वर्षों तक सेवा की. भारतीय कृषि प्रणाली के फसल क्षेत्र और उत्पादन के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोग के विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने में उल्लेखनीय योगदान दिया. उन्होंने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दस वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण का दायित्व बखूबी निभाया. यह वही स्थल है, जहां से भारत के अंतरिक्ष उपग्रह प्रक्षेपण हुआ है.
स्वागत सहायक निदेशक प्रशासन ज्ञान सिंह दोरायगुरु ने किया. संचालन एवं धन्यवाद डॉ अपूर्वा पाल ने दी. युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्री विश्वजीत प्रधान के अलावा डॉ श्वेता सिंह, डॉ अर्केंदु घोष, डॉ अमित कुमार, डॉ अदिति गुहा चौधरी, डॉ श्वेता कुमारी, अवधेश कुमार सहित सभी छात्र – छात्राएं भी मौजूद थे.
(अजय कुमार)

Faculty and students of College of Horticulture shared ISRO scientist Dr. Angadi Rabbani

 

BAU VC lauds Dr Rabbani’s contribution as Associate Dean of new college

 

A function was organized on the success of Chandrayaan-3 mission in the newly established state’s only college of horticulture located at Khuntpani (Chaibasa), operated under Ranchi I Birsa Agricultural University. On this occasion, the teachers and students welcomed Dr. Angadi Rabbani, Associate Dean of the college in a traditional way and presented flower bunches and were honored by wearing garlands. On the success of the mission, Dr. Angadi planted Tikoma sapling in the college campus.

Retired scientist from ISRO, Dr. Angadi Rabbani is currently heading the College of Horticulture, Khuntpani, Chaibasa. In his message, Vice Chancellor Dr. Omkar Nath Singh said that the University is proud that experienced ISRO scientists are working with us for the development of the new campus of the College of Horticulture located at Khutpani village in Chaibasa district. Prior to this, as Nahep Consultant, he has contributed significantly in the establishment of Biodiversity Park in the university campus, vegetable based integrated farming system and promotion of apple cultivation research. Due to which the state agriculture will get a new direction in the coming years.

In the ceremony, the teachers and students of the college congratulated Dr. Rabbani on the success of the Chandrayaan-3 mission and urged him to send a congratulatory message on behalf of the college to the ISRO scientific team. Teachers and students raised slogans of Bharat Mata Ki Jai and Vande Mataram. The teachers and students expressed their happiness on the presence of ISRO scientist among them and called it a matter of pride for the college and the university.

In his address, Associate Dean Dr. Angadi Rabbani said that I am very proud to be a scientist of ISRO. Who made a record of achieving a globally impossible position by landing Vikram on the South Pole of the Moon. Due to the dedication, hard work and continuous efforts of ISRO scientists and the passion towards the country, India has become the world leader and the first country to achieve this goal. He said the mission cost a Hollywood movieMuch less than what I spent. This success has been possible due to the continuous efforts of the team of ISRO scientists who have made India a leading nation in the field of space technology. This shows the dedication of our ISRO scientists towards the nation. He said that with this successful landing, the rover will study the climate and soil condition of the moon and many other parameters of the moon (like minerals) for 14 days.

Dr. Angadi Rabbani served as Associate Project Director at Satish Dhawan Space Center (SHAR), Sriharikota. He served in ISRO for 34 years. Significantly contributed in completion of various projects of remote sensing application of space technology for crop area and production of Indian agriculture system. He performed the responsibility of conservation of biodiversity of ten square kilometer area of Satish Dhawan Space Center very well. This is the same place from where India’s space satellite was launched.

The welcome was done by Assistant Director Administration Gyan Singh Doraiguru. Operation and thanks were given by Dr. Apoorva Pal. Apart from Yuva Morcha District Vice President Mr. Vishwajit Pradhan, all the students including Dr. Shweta Singh, Dr. Arkendu Ghosh, Dr. Amit Kumar, Dr. Aditi Guha Chowdhary, Dr. Shweta Kumari, Awadhesh Kumar were also present.

(Ajay Kumar)

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