सरायकेला जिले में सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली की सूचना

सरायकेला जिले में सरकारी शराब दुकानों के कर्मचारियों की मनमानी से स्थानीय ग्राहकों का जीना दुश्वार हो चुका है। जिले में लगभग सभी सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली की सूचना मिल रही है। ग्राहकों को मजबूरन ज्यादा पैसे देकर शराब खरीदनी पड़ रही है। सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा बिक्री का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। हर दिन लाखों रुपए से भी अधिक पैसों की उगाही की जा रही है।

बीती रात कांड्रा थाना अंतर्गत बस स्टैंड के समीप सरकारी शराब दुकान में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली के मामले को लेकर इलाके में सनसनी फैल गई है। रॉयल चैलेंजर्स 180 एमएल की व्हिस्की में 190 रुपए की जगह 200 रुपए ली जा रही हैं। 375 व 750 एमएल की व्हिस्की में ₹20 से लेकर ₹40 ज्यादा की वसूली की जाती है। सूत्रों की माने तो जिले के लगभग सभी सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली में लेबर ठेकेदार से लेकर विभाग की मिली भगत सामने आने की सूचना मिल रही है। सभी का परसेंटेज भी बांटा गया है।

शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली की जाती है। विभागीय अधिकारी भी कार्रवाई करने के नाम पर कोताही बरत रहे हैं। ऐसा कोई भी दिन ना हो ग्राहकों और दुकानदारों में नोकझोंक की बातें सामने ना आई हो। हर दिन ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।हाल ही के दिनों में आदित्यपुर क्षेत्र स्थित सरकारी शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूली करने के मामले में कई मीडिया संस्थाओं द्वारा खबरें भी प्रकाशित की गई हैं। जिसमें ग्राहकों से मनमानी तरीके से पैसे वसूली की जा रही है।

इस संदर्भ में स्थानीय निवासी घोलटू कुमार ने जानकारी दी की प्रतिदिन 10 से 40 रुपए तक शराब की बोतलों में प्रिंट रेट से ज्यादा अधिक वसूली जाती है। आवाज उठाने पर दुकानदारों द्वारा डरा धमका कर चुप करा दिया जाता है। अक्सर इस तरह के मामले सरायकेला जिले में देखने को मिल रहे हैं। उत्पाद विभाग की चुप्पी कई सवालों को घेरे में डाल रहे हैं। इस अवेध धंधे में विभाग के कई लोगों की मिली भगत की सूचना मिल रही है। हालांकि यह जांच का विषय बन चुका है। इस पूरे प्रकरण में लेबर ठेकेदार के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैं।

