ईरान की पड़ोसी देशों से अपील; कहा- अमेरिका और इजरायल का साथ न दें, इन्हें क्षेत्र की शांति से मतलब नहीं
क्षेत्रीय अशांति का आरोप ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल पर मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की स्थिरता को जानबूझकर खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये शक्तियां इस क्षेत्र में शांति नहीं बल्कि विभाजन चाहती हैं। तेहरान के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि अमेरिका और इजरायली प्रशासन को क्षेत्रीय सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने जोर देकर कहा कि विदेशी ताकतों की मौजूदगी केवल आपसी मतभेद पैदा करती है।

पड़ोसी देशों को कड़ा संदेश ईरान ने अपने आसपास के देशों से पुरजोर अपील की है कि वे अपनी संप्रभु सीमाओं—चाहे वह जमीन हो, समुद्र हो या आकाश—का उपयोग ईरान के विरुद्ध किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए न होने दें। बघाई ने इस बात पर चिंता जताई कि कुछ देशों ने अनजाने में अपनी सुविधाओं को विदेशी शक्तियों के लिए खुला रखा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध और उनकी संप्रभुता का सम्मान चाहता है, लेकिन उसके खिलाफ होने वाली किसी भी आक्रामक गतिविधि में सहयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पाक सेना प्रमुख की तेहरान यात्रा और कूटनीति बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे, जहां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उनका स्वागत किया। ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में संवाद और शांति बहाली के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘इस्लामाबाद वार्ता’ के पहले दौर के सफल न होने के बाद अब बातचीत के दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है।
