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August 18, 2026

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आज से संसद का विशेष सत्र, किरेन रिजिजू ने कहा- परिसीमन के नाम पर अफवाह न फैलाएं

संसद की नई हलचल आज से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र का मुख्य केंद्र बिंदु महिला आरक्षण और देश में लोकसभा सीटों का नया परिसीमन रहने वाला है। गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही में महिला आरक्षण को अमली जामा पहनाने से संबंधित विधेयक को पेश किया जा सकता है। निचले सदन से मंजूरी मिलने के उपरांत इसे चर्चा और पारित कराने के लिए राज्यसभा भेजा जाएगा।

तीन महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश केंद्र सरकार ने शासन व्यवस्था और प्रतिनिधित्व में बड़े बदलाव के उद्देश्य से तीन मुख्य विधेयक तैयार किए हैं। जानकारी के अनुसार, सरकार लोकसभा सीटों की वर्तमान संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना पर काम कर रही है। गुरुवार को सदन के पटल पर ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026’ रखे जाएंगे।

इनमें से पहले दो बिलों को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, जबकि केंद्र-शासित प्रदेशों से जुड़ा तीसरा बिल गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सदन में रखा जाएगा। इन अहम विषयों पर चर्चा के लिए करीब 18 घंटे का समय आवंटित किया गया है, जिसके शुक्रवार तक चलने की संभावना है।

मोदी सरकार का नया संशोधन प्रस्ताव साल 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया गया था। पूर्व के प्रावधानों के तहत इसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाना था। हालांकि, ताजा घटनाक्रम में सरकार एक नया संशोधन प्रस्ताव लेकर आई है, ताकि इस आरक्षण को पहले की निर्धारित समय-सीमा से पूर्व ही प्रभावी बनाया जा सके।

16 से 18 अप्रैल का विशेष सत्र और राजनीतिक गतिरोध 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण कानून में संभावित संशोधनों पर गहन मंथन होगा। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक टकराव के आसार हैं। विपक्षी दलों का तर्क है कि सरकार जनगणना और परिसीमन जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना जल्दबाजी में यह कदम उठा रही है। गौरतलब है कि पहले की योजना के अनुसार यह आरक्षण प्रक्रिया लंबी प्रक्रिया के बाद ही लागू होनी थी, लेकिन अब सरकार की प्राथमिकता इसे जल्द लागू करने की है।

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