Jamshedpur : मानव सेवा को की समर्पित अपनी 30वीं वैवाहिक वर्षगांठ, अंत्योदय भवन परिसर में रह रहे 50 पीड़ित एवं असहाय लोगों को कराया अल्पाहार
पत्रकारिता और सामजिक कार्यों से जुड़े शशांक शेखर ने पत्नी संग नव जागृत मानव समाज कुष्ठ आश्रम के लोगों के बीच मनाई 30वीं वैवाहिक वर्षगांठमानव सेवा कर अपनी सालगिरह को बनाया यादगार, जो कि वर्त्तमान में मशाल न्यूज़ में सेवा-रत हैं. 19 जून 1194 को अपने संग जिनके साथ सात फेरे लेते हुए ता-ज़िंदगी साथ निभाने का संकल्प लिया था. आज अपनी धर्मपत्नी 47 वर्षीय रेणुका देवी के संग वैवाहिक जीवन के 30 वर्षों का सफर तय करते हुए इस यादगार दिन को समर्पित किया।

जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित नव जागृत मानव समाज कुष्ठ आश्रम अर्थात् अंत्योदय भवन परिसर में रह रहे 50 पीड़ित एवं असहाय लोगों के लिए उत्तम नाश्ते का प्रबंध कर जहां अपनी सेवाएं प्रदान की, वहीं इतने लम्बे सफ़र में अपने धर्मपत्नी के साथ एक मां-बाप का भी बखूबी कर्तव्य निर्वहण किया.मानव सेवा को ही सर्वोपरि रखते हुए उसी के नाम समर्पित कर दियातमाम व्यवस्था में लगे प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन के निदेशक अरिजीत सरकार ने उक्त बातें कहते हुए बताया कि इनकी सुपुत्री चित्रलेखा को एम.ए तक पढ़ाते हुए उच्च शिक्षा प्रदान करवाया, वहीं सुपुत्र शुभम् कुमार भी उच्च शिक्षा हासिल कर अपने कार्य क्षेत्र हैदराबाद में निवास कर रहे हैं . पेशे से पत्रकारिता से जुड़े सामजिक कार्यकर्ता 55 वर्षीय शशांक शेखर विगत 33 वर्षों आकाशवाणी में भी एक कम्पीयर के तौर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. बकौल अरिजीत सरकर, “कौन कहता है कि आकाश में सुराख नहीं हो सकता- एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो. यही कर दिखाया सामाजिक सह पत्रकार शशांक शेखर जी ने।

“उन्होंने कहा, “एक सरल स्वभाव, मृदुभाषी, परोपकारी, मिलनसार व्यक्तित्व के स्वामी हैं हरदिल अजीज शशांक शेखर. जहां आज के दिन ऐसे जोड़े कई तरह के आयोजनों में, ताम-झाम के साथ इस प्रकार ऐसे अवसरों पर व्यतीत करते हैं, वहीं शशांक शेखर ने इस दिन को सिर्फ मानव सेवा को ही सर्वोपरि रखते हुए उसी के नाम समर्पित कर दिया.”श्री सरकार ने उक्त कार्य की सराहना करते हुए शशांक शेखर एवं उनके परिवार की सुख-शांति की कामना की और कहा, “आज प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन यानी पीएसएफ परिवार सलाम करता है उनकी ऐसी सेवा भावना को.” उन्होंने शादी की सालगिरह पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी.
