July 21, 2024

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श्रद्धा भक्ति से मना जन्माष्टमी का त्यौहार , खरसावां_कुचाई, श्रद्धालुऔ ने व्रत रखकर मंदिरों में की पूजा अर्चना, सुख शांति व समृद्ध की कामना

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खरसावां कुचाई में भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव का त्यौहार आस्था उल्लास श्रद्धा भक्ति विश्वास एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सुबह से रात तक श्रद्धालुओं का मंदिरों में भीड़ देखा गया श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पारंपरिक रीति रिवाज से भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख शांति व समृद्धि की कामना की खरसावां कुचाई के राधा माधव मंदिर खरसावां, हरि मंदिर जगन्नाथ मंदिर हरि भांजा जगन्नाथ मंदिर , चाकडी जगन्नाथ मंदिर, बदीलीहर, जगन्नाथ मंदिर, डलायकेला आदि मंदिरों में आज सुबह से ही रात तक श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर अष्टमी की पूजा अर्चना की इसके अलावे घर-घर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की ग ई। वही देर रात श्री कृष्ण जन्म उत्सव की पश्चात श्री कृष्ण की बाल गोपाल रूप महा स्नान कराया गया साथ ही आरती किया गया वहीं श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर खरसावां के राधा _ माधव मंदिर में भजन संध्या का भी आयोजन किया गया बताया जाता है कि श्री कृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी के मध्य रात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा के कारागार में जन्म लिया था द्वापर युग में मथुरा में भीजवशी राजा उग्रसेन मथुरा का शासन था चुकी भगवान इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। अतः इस दिन की कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मानते हैं धार्मिक मान्यता है कि ऐसे संयोग में भगवान कृष्ण की विधि विधान पूर्वक पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है उनकी कृपा से भक्तों को सभी मनोकामनाएं पुण्य होता है भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करने से सभी तरह के दुखों का अंत हो जाता है ऐसे में जन्माष्टमी के दिन व्रत रखते हुए भगवान श्री कृष्ण की बाल स्वरूप की आराधना करते हैं, । खरसावां राधा माधव मंदिर के प्रांगण में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर रात भजन संध्या का आयोजन किया गया भजन संध्या में स्थानीय प्रसिद्ध भजन गायक पृथ्वीराज सिंह देव ने मधुर भजन पेश कर समा बांध दिया प्रसिद्ध भजन गायक ने ऐसी लगी लगन, मीरा ही ग ई मगन,,,, काडिया रे काडिया सुनी काडिया,,,, गीत की विभिन्न लीला पर आधारित भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झुमते रहे। पृथ्वीराज सिंह देव ने कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्री कृष्ण वंदना के साथ किया, समेत कोई भजन पेश किया लोगों की मांग पर हिंदी, ओड़िया, भीजपुरी, भाषा में भजन पेश किया। संगीत संध्या के दौरान तबला पर गोपाल दे,ऑकटीपैड में जैकी एण्ड रैकी, गिटार और की बोडे में स्वरूप दास आदि ने ताल दिया। भजन संध्या देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।

In Kharsawan Kuchai, the festival of birth of Lord Shri Krishna was celebrated with faith, joy, devotion, trust and joy. Crowd of devotees were seen in the temples from morning till night. Devotees kept a fast and worshiped Lord Shri Krishna with traditional customs and family. Wishes for happiness, peace and prosperity. In Kharsawan Kuchai’s Radha Madhav Temple Kharsawan, Hari Mandir Jagannath Temple, Hari Bhanja Jagannath Temple, Chakadi Jagannath Temple, Badilihar, Jagannath Temple, Dalayakela, devotees observed Ashtami fast from morning till night. Apart from this, devotees also worshiped Lord Shri Krishna in every house. The same late night, after the Shri Krishna Janam Utsav, Shri Krishna’s Bal Gopal form Maha Snan was performed as well as Aarti was performed, whereas on Shri Krishna Janmashtami, Bhajan Sandhya was also organized in the Radha Madhav Temple of Kharsawan. It is said that Shri Krishna His incarnation was born in the prison of Mathura on the midnight of Ashtami of Krishna Paksha of the month of Bhadrapada to destroy the tyrannical Kansa. In the Dwapar era Mathura was ruled by Bhijavashi king Ugrasen Mathura, the Lord incarnated on earth on this day. Therefore, this day is considered as Krishna Janmashtami. It is a religious belief that by worshiping Lord Krishna in such a coincidence, his special grace is received. All kinds of sorrows come to an end, in such a situation, keeping a fast on the day of Janmashtami, worship Lord Shri Krishna in his child form. In the courtyard of Kharsawan Radha Madhav Temple, night bhajan evening was organized on Shri Krishna Janmashtami. In the bhajan evening, local famous bhajan singer Prithviraj Singh Dev tied the knot by presenting melodious bhajan. ,,, Kadiya Re Kadiya Suni Kadiya,,,, Devotees kept dancing till late night on the bhajans based on different leela of the song. Prithviraj Singh Dev started the program with Prabhu Shri Krishna Vandana, presented some bhajan including Bhajan in Hindi, Odia, Bhijpuri, language on the demand of the people. During the Sangeet Sandhya, Gopal De on Tabla, Jacky and Ricky on Octipad, Swaroop Das on Guitar and Key Bode etc. provided rhythm. A large number of people had reached to watch the Bhajan Sandhya.

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