झारखंड की आदिवासी बेटी कंचन उगुरसंडी ने रचा इतिहास, चंपाई सोरेन ने दी बधाई
झारखंड की कंचन उगुरसंडी ने इतिहास रच दिया है. उनकी उपलब्धि पर चंपाई सोरेन ने कंचन को बधाई दी है. जानें कंचन की क्या हैं उपलब्धियां:
लिपुलेख पास पर बाइक चलाने वाली पहली महिला बन गईं कंचन
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कंचन का हुआ सम्मान
चंपाई सोरेन ने कंचन का बढ़ाया हौसला
चंपाई सोरेन बोले- बेटियों को पढ़ाईए, आगे बढ़ने दीजिए
देश की 18 सबसे ऊंची चोटियों पर कंचन ने की है बाइकिंग
2021 में उमलिंगा पास को बाइक से कंचन ने किया था पार

झारखंड की बेटी कंचन उगुरसंडी ने इतिहास रच दिया है. महज 25 दिन में 18 पर्वतीय दर्रों को पार करने वाली पहली महिला बाइकर ने लिपुलेख पास को भी पार कर लिया है. कंचन ने विश्व की उस सबसे ऊंची उमलिंगला पास को भी पार किया था, जहां मोटरसाइकिल चलाई जा सकती है. यह पास 19300 फुट की ऊंचाई पर है. लिपुलेख दर्रा को पार करने पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला के विधायक चंपाई सोरेन ने कंचन को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

लिपुलेख पास पर बाइक चलाने वाली पहली महिला बन गईं कंचन
झारखंड के सरायकेला की रहने वाली महिला मोटरिस्ट कंचन उगुरसंडी ने 17,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपुलेख पास पहुंचने वाली वह पहली मोटरसाइकिलिस्ट बन गईं. शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को अपने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा- उत्तराखंड मेरे लिए दूसरे घर जैसा है. सैलानियों के लिए यह सबसे सुरक्षित जगहों में एक है. उत्तराखंड के लोग बहुत विनम्र हैं और यही इसको देवभूमि बनाता है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कंचन का हुआ सम्मान
लिपुलेख पास को पार करने के बाद पिथौरागढ़ स्थित होटल प्लाजा में होटल एसोसिएशन ऑफ पिथौरागढ़ के राजेंद्र भट्ट ने झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले की रहने वाली कंचन का अभिनंदन किया. कंचन ने उत्तराखंड के लोगों से मिले समर्थन के लिए उनके प्रति आभार जताया।

चंपाई सोरेन ने कंचन का बढ़ाया हौसला
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कंचन उगुरसंडी की हौसला आफजाई करते हुए कहा है कि यह उपलब्धि हासिल करने पर मेरे गृह जिले से आने वाली, झारखंड की बेटी कंचन उगुरसंडी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं. पूरे देश को आप पर गर्व है।
चंपाई सोरेन बोले- बेटियों को पढ़ाईए, आगे बढ़ने दीजिए
चंपाई सोरेन ने आगे लिखा- अपनी बेटियों को पढ़ाईए. उन्हें शिक्षा, खेल तथा उनकी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दीजिए. वे एक दिन कल्पना चावला, सलीमा टेटे और कंचन जैसी बनकर, परिवार, समाज एवं देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगी. चंपाई सोरेन के इस पोस्ट पर कंचन ने उनका आभार जताया है।

देश की 18 सबसे ऊंची चोटियों पर कंचन ने की है बाइकिंग
इससे पहले वर्ष 2021 में कंचन उगुरसंडी ने देश की 18 सबसे ऊंची चोटियों को पार किया था. तब उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के कर्मयोगियों को समर्पित किया था. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी (डीजीबीआर) के प्रति आभार जताया था. उन्होंने आगे लिखा था- मैं नहीं कहती कि यह आसान है, मैं मानती हूं कि यह संभव है।
2021 में उमलिंगा पास को बाइक से कंचन ने किया था पार
तब बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने एक ट्वीट कर कहा था- कंचन उगुरसंडी 25 दिन में 18 दर्रों को पार करने वाली पहली महिला बन गईं हैं. उन्होंने उमलिंग ला पास को भी पार कर लिया है. वह पहली अकेली महिला बन गईं हैं, जिन्होंने दिल्ली-लेह-लद्दाख-रोहतांग-उमलिंगला-सियाचिन बेस-दिल्ली के 3200 किलोमीटर की बेहद मुश्किल यात्रा पूरी कर ली है।
