राजनगर प्रखंड के ग्राम विक्रमपुर में जितिया पूजा धूमधाम से हुआ संपन्न

राजनगर प्रखंड के ग्राम विक्रमपुर में सुकरा मंडल एवम् नन्द लाल मंडल के घर में जितिया पूजा धूमधाम से संपन्न हुआ। जितिया पूजा में महिलाएं तीन दिनों तक निर्जला व्रत , विधि विधान से मानकर , अष्टमी के दिन धूप , दीप ,अक्षत , पुष्प मिठाई , विभिन्न प्रकार फल आदि अर्पित करके पूजा अर्चना कर , अपने संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए ,सुख समृद्धि , रोग मुक्त वातावरण की कामना किये। आसपास दूरदराज के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।पूजा के बाद पुजारी ने जितिया के व्रत कथा सुनाये।

जितिया के दिन व्रत कथा जीमूतवाहन की पूजा विधान है। अष्टमी के दिन प्रदोष काल में तालाब के निकट कुशा से जीमूतवाहन की मूर्ति बनाई जाती है साथ ही कथा के चील और सियारिनी की मूर्तियां गोबर से बनाते हैं। सबसे पहले जीमूतवाहन को धूप , दीप, फूल , मिठाई ,ईख, धान का पौधा, अक्षत चढ़ाए तथा चील और सियार को लाल सिंदूर से लगते हैं। उपवास के दौरान सियार को बहुत भूख लग गई और वह चुपके से जाकर मरे हुए जानवर का मांस खा लिया, लेकिन चील ने पूरे समर्पण के साथ व्रत का पालन कर पूरा किया।

अगले जन्म में दोनों मनुष्य रूप जन्म लिया। चील के कई पुत्र हुए और सभी जीवित रहे। लेकिन सियार के पुत्र होकर मर जाते थे। इसे बदले की भावना से उसने चील के बच्चों को कोई बार मारने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुआ। बाद में चील ने सियार का अपने पूर्व जन्म के जितिया व्रत के बारे में बताया। इस व्रत में सियार ने भी संतान का सुख प्राप्त हुआ। इस तरह यह व्रत संतान सुख की प्रति के लिए संसार में प्रसिद्ध हुआ।

पूजा के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं नाश्ता दिया गया। पूजा में उपस्थित गोपबन्धु उच्च विद्यालय हामंदा के पूर्व प्रधानाध्यापक श्री नुनु राम महतो महतो , कृष्ण चंद्र महतो, सुनील दुबे ,सत्यनारायण दास , नकुल दास , सोमनाथ नंद ,नन्द लाल मंडल , गोपीचंद मंडल , दीपक मंडल , सुकरा मंडल , राजेश दुबे बसंत तांती , अरुण दुबे, दिनेश मंडल, कृष्ण तांती , प्रमोद मंडल, उत्तम मंडल, दुर्लभ मंडल, शक्तिमान मंडल, भक्ति मंडल, दीपक पति, रुपू बारिक, संध्या मंडल, मल्लिका मंडल, नरेश कैर्वत , चारूवाला मंडल, सुनीता मंडल, एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।

