जगन्नाथ सेवा समिति जुगसलाई के द्वारा गाजे बजे एवं जयकारों के बीच महाप्रभु जगन्नाथ,भाई बलराम व बहन सुभद्रा की हुई घर वापसी

जुगसलाई में पारंपरिक सांस्कृतिक और रीति रिवाज के अनुसार बाउड़ा रथ यात्रा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रसिद्ध रथ यात्रा आठवें दिनों तक मौसी बाड़ी में विश्राम करने के बाद नौ वें दिन महाप्रभु जगन्नाथ , भाई बलराम एवं बहन सुभद्रा गुड़िचा मंदिर से विधि विधान के साथ विदाई दी गई।जिसके बाद भक्तों द्वारा तीनों देवी देवताओं को कंधे पर उठाकर मौसी बड़ी के मुख्य दरवाजे पर खड़े रथ पर लाया गया। वहां पंडित ने रथ यात्रा छेरा पोहारा का रस्म अदा किया।

रथ के निकट बलराम इसके बाद प्रभु जगन्नाथ व अंत में बहन सुभद्रा को बैठाया गया। पंडितों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना के बाद रथ को रवाना किया गया। ढोल , नगाड़े , करताल , झुमका वह घंटी की आवाज से पूरा क्षेत्र भक्ति हो गया।स्थानीय एवं दूर दराज से हजारों श्रद्धालु प्रभु जगन्नाथ की दर्शन करने पहुंचे थे । रथ के ऊपर पुजारी द्वारा लुटाए जा रहे महाप्रभु पर चढ़ा प्रसाद पूरे जोश के साथ श्रद्धालु लपटे रहे । सभी भक्तों, दर्शकगण गाजे बाजे साथ नृत्य किया। रथ यात्रा शाम 5:00 बजे रथ गली से , स्टेशन रोड गुरुद्वारा होते हुए बाटा चौक , घराना दुकान , राधा जनरल स्टोर , धर्मशाला रोड , राहुल लाॅज होते हुए पुनः बाटा चौक , मारवाड़ी पाड़ा रोड, नया बाजार , फिरंगी चौक होते हुए ,रात दस बाजे जगन्नाथ मंदिर रथ गली लौटी। पूरा क्षेत्र भगवान जगन्नाथ की जय घोष से गूंज उठा।

भक्तों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा की। भक्तों के रथ खींचते ही प्रभु जगन्नाथ की जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान मंदिर में आयोजित महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम में शरीक होकर सभी भक्तों ने महाप्रसाद का सेवन किया। जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर जिले की सुख समृद्धि की कामना की। रथ यात्रा को सफल बनाने में जगन्नाथ सेवा समिति रथ गली संस्थापक पागल गिरी मई , अध्यक्ष – पंकज अग्रवाल , संजय कसेरा लाइसेंसी बीजू शर्मा , कार्यकर्ता प्रमुख राजेश शर्मा.संरक्षक सौरभ प्रसाद , कार्यकर्ता – राजा शर्मा , महावीर शर्मा , मंगलू शर्मा , रितिक शर्मा , शिव गुप्ता , पवन सोनी . एवं जुगसलाई वासियों का सहरनीय योगदान रहा। रथयात्रा के दौरान युगसलाई थाना प्रभारी अपने दल-बल के साथ मौजूद थे।
