सामाजिक संगठन “एकता मंच” की बैठक में पहुंचे सांसद बिद्युत महतो, कहा किस कानून के तहत रात नौ बजे पुरुष पुलिस द्वारा ग्रामीण महिला को पिटवाया और जेल भेजा
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र की झीमड़ी गांव में एक हिंदू युवती के कथित जबरन धर्मांतरण और निकाह को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव गहराता जा रहा है। मामला बढ़ते विवाद और जनाक्रोश के चलते अब संवेदनशील हो गया है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए झीमड़ी और उसके आसपास के गांवों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस बीच, भाजपा सांसद बिद्युत महतो सामाजिक संगठन “एकता मंच” के बैनर तले इस मुद्दे को लेकर एक बैठक करने मुरुगडीह गाँव पहुंचे।

जहाँ सांसद बिद्युत महतो ने कहा की रात के नौ बजे नीमडीह थानेदार द्वारा पुरुष पुलिस बल गाँव में भेजकर एक महिला को उसके घर जाकर मारपीट कर जेल भेजना यह कौन सी कानून के तहत कार्रवाई किया गया है और यह कहाँ की व्यवस्था है। बांग्लादेसी घुसपैठी हो या जवरन धर्मान्तरण हो नीमडीह थानेदार से अपील है कि निष्पक्ष कारवाई करें, अन्यथा भाजपा आंदोलन करने मे बाध्य होंगे। आवश्यक पड़े तो पूरे कोल्हान उठकर नीमडीह आ जाएंगे फिर समझना कैसे सम्हालोगे। सीधे साधे ग्रामीणों को डराना धमकाना छोड़ दो और गाँव मे शांति बहाल के लिए सोचो । पूर्व विधायक साधु चरण महतो की धर्म पत्नी सारथी महतो ने कहा की जवरन धर्म परिवर्तन कर विवाह करना यह कहां की न्याय व्यबस्था है।

वहीं स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ग्रामीण हिन्दू परिवार पर पक्षपात कर रहा है, जिससे जनाक्रोश और बढ़ रहा है। इसलिए कि झिमड़ी गाँव को क्षेत्र में जहाँ शांत माने जाने वाला इलाका अब अशांति की ओर बढ़ता जा रहा है। इस बैठक की उपस्थिति मे जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, भाजपा नेता नीरज सिंह, भाजपा नेत्री सारथी महतो, पप्पू वर्मा, वीरेंद्र महतो, सुदर्शन महतो, मधु महतो, दयाल महतो, गौतम महतो, मुखिया सुलोचना देवी, पप्पू वर्मा, आकाश महतो, खुदी सिंह सरदार, रामकृष्ण महतो, चिंटू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पद्मोलोचन महतो, मदन सिंह सरदार, मकर महतो एवं प्रशांत पोद्दार समेत काफी संख्या में भाजपा के सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
