अब पर्दे पर दिखेगी साहस की मिसाल – पद्मश्री छुटनी महतो का जीवन! एक बड़ी और गर्व की खबर…
“डायन प्रथा” जैसी अमानवीय कुरीति के खिलाफ अकेले संघर्ष करने वाली वीरांगना छुटनी महतो के जीवन पर अब बनेगी फीचर फिल्म! यह फिल्म हिंदी और तेलुगू — दोनों भाषाओं में रिलीज़ की जाएगी,ताकि उनका संघर्ष, साहस और समाज के लिए बलिदान देशभर के लोगों तक पहुँच सके।

कौन हैं छुटनी महतो?
झारखंड की धरती से निकलीं एक साधारण महिला,जिन्होंने डायन कहकर प्रताड़ित की गई सैकड़ों महिलाओं को न्याय दिलाया।स्वयं पर भी अत्याचार सहने के बाद,वो बनीं एक आवाज़, एक आंदोलन, और लाखों महिलाओं की प्रेरणा। उनके साहसिक कार्यों को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया।अब उनकी ज़िन्दगी की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी जोरों पर है।यह फिल्म न केवल एक बायोपिक होगी, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाली एक चेतना बनेगी।

अकेले अंधविश्वास और पितृसत्ता को दी चुनौती
उनकी कहानी हमें यह सिखाएगी कि — असली नायिकाएं चुपचाप किताबों में नहीं, समाज के बीच संघर्ष करती हैं। जल्द ही इसकी शूटिंग शुरू होगी और सिनेमाघरों में आप देख सकेंगे —एक महिला की वो कहानी, जिसने अकेले अंधविश्वास और पितृसत्ता को चुनौती दी। आइए, गर्व करें कि हम उसी धरती से हैं जहाँ छुटनी महतो जैसी बेटियाँ जन्म लेती हैं।
