July 24, 2024

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*पंडित दुर्गा चरण कर साहित्य संसद, केरा के द्वारा ओड़िआ शिक्षक- शिक्षयत्रियों को किया गया सम्मानित*

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आज सुबह दश बजे गोलमूरी उत्कल साहित्य समाज विद्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसका शुभारंभ उत्कल मणि पंडित गोपबंधु दास तथा उत्कल गौरव मधुसूदन दास के प्रतिमूर्ती पर माल्यार्पण के साथ किया गया। उक्त कार्यक्रम में पंडित दुर्गा चरण कर साहित्य संसद,केरा के द्वारा 51 ओड़िआ शिक्षक शिक्षयत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।आज के सभा में बतौर मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के भूतपूर्व कुलपति सह वर्तमान नेताजी सुभाष चन्द्र बोस विश्वविद्यालय जमशेदपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ गंगाधर पंडा ने कहा कि ओड़िआ भाषा में शिक्षादान के लिए झारखंड में महा विद्यालय एवं विश्व विद्यालय में तो विभाग तथा प्राध्यापक हैं परंतु प्राथमिक विद्यालय से उच्च विद्यालय में ओड़िआ पठन पाठन की व्यवस्था समुचित नहीं है, जिसके चलते महा विद्यालय एवं विश्व विद्यालय में छात्रों की संख्या नगण्य है । ओड़िआ भाषा को झारखंड में सुरक्षा के लिए बहुत संगठन काम कर रहे हैं जिसमें उत्कल सम्मिलनी द्वारा नियोजित शिक्षकों द्वारा मात्र तीस हजार रुपए वार्षिक मानदेय पर कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में ओड़िआ भाषा में शिक्षादान में अहम भूमिका निभा रहे हैं ।उसी तरह गोलमूरी उत्कल समाज एवं अन्य संस्थाओं के द्वारा भी जमशेदपुर के सिदो कान्हु विद्यालय, त्रिलोचन विद्यापीठ तथा उत्कल समाज विद्यालय में भी ओड़िआ शिक्षक शिक्षयत्रियों के द्वारा जमशेदपुर शहरी क्षेत्र में ओड़िआ पठन पाठन जारी है । उक्त अवसर पर पंडित दुर्गा चरण कर साहित्य संसद के संयोजक सत्य प्रकाश कर ने कहा कि गुरु हमेशा-हमेशा वंदनिय हैं जिनका सम्मान में हमारे संस्थान की ओर से ओड़िआ भाषा के शिक्षक शिक्षयत्रियों को उनके अथक परिश्रम के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है । उक्त अवसर पर उत्कल सम्मिलनी के पूर्वी सिंहभूम जिले के उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार दास, सचिव प्रदीप कुमार दास ,उत्कल एसोसिएशन जमशेदपुर के सचिव तरुण कुमार महांती, खरसावां के ओड़िआ प्रेमी मनवोध मिश्र एवं उत्तम कुमार साहू, शिक्षाविद डॉ गिरीजा शंकर मिश्र,उत्कल समाज जमशेदपुर के सचिव प्रदीप जेना,उत्कल सम्मिलनी के पर्यवेक्षक जयराम दास पात्रा, सहित शहर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत 51 शिक्षक शिक्षयत्रि उपस्थित थे । मंचासिन अतिथियों के द्वारा शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए साहित्य संसद केरा को धन्यवाद ज्ञापन के साथ साथ झारखंड में ओड़िआ भाषा की सूरक्षा एवं पठन पाठन वर्ग प्रथम से लेकर स्नातकोत्तर एवं शोध (पी एच डी) की व्यवस्था पर बल दिया गया ।सभी ने कहा कि जनगणना में हमें अपनी मातृभाषा ओड़िआ लिखना अनिवार्य है चाहे हम ओड़िआ पढ़ें हों या नहीं । हम सभी को अपने बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा दिलाने से ही मातृभाषा जीवित रहेगा अन्यथा हमारे बाद एक दो पीढ़ी के उपरांत झारखंड में ओड़िआ भाषा लुप्त होने की संभावना है । सम्मानित शिक्षक शिक्षयत्रियों में श्रीमती शिप्रा मिश्र, नीरुपमा पंडा, कल्पना नायक,अलकानंदा मिश्र,अंजुबाला जीऊ,निक्की कुमारी,छोटी कुमारी,,सत्यजीत दास,प्रिती कुमारी पात्र,दुर्गीमणी माराण्डी, सारमणी मार्डी ,,सिंगराई पिंगुवा, रांदाय हेम्ब्रोम,हीरा सोरेन,लखींद्र हेम्ब्रोम,फागुराम टुडु,नमीता तुंग,सुजाता पुरान, तृप्ति रानी बेरा,टीकाराज बेसरा, उपेन्द्र माझी, सुलोचना मुर्मु,सीता मांझी, सारथी हांसदा,ममता हांसदा,जासनी सोरेन,नीरूपमा देव,बिमला ज्योतिषी, सागरिका बेहूरा, गायत्री बेहेरा,मिनर्भा साहू,अबनी कुमार दत्त,शुभश्री साहु,सुनीता राउत,सरिता कुंटिआ, बाजून हांसदा, बासुदेव रणा,बिवेकानंद भट्टमिश्र,रिंदी हेम्बोम,जबा बालाय,बिश्वजीत मिश्र इत्यादि
सामिल थे।मंच संचालन प्रदीप कुमार दास तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रदीप कुमार जेना के द्वारा किया गया ।

Today at 10 am, a felicitation ceremony was organized at Golmuri Utkal Sahitya Samaj Vidyalaya, which started with garlanding the statues of Utkal Mani Pandit Gopabandhu Das and Utkal Gaurav Madhusudan Das. In the said program, 51 Odia teacher students were honored with citations by Pandit Durga Charan Kar Sahitya Sansad, Kera. In today’s meeting, the chief guest was former Vice Chancellor of Kolhan University and present Vice Chancellor of Netaji Subhash Chandra Bose University, Jamshedpur, Professor Dr. Gangadhar. Panda said that there are departments and professors in high schools and universities in Jharkhand to provide education in Odia language, but the system of teaching Odia from primary school to high school is not proper, due to which the number of students in high schools and universities is low. Is negligible. Many organizations are working for the protection of Odia language in Jharkhand, in which the teachers employed by Utkal Sammilani are playing an important role in imparting education in Odia language in various areas of Kolhan division at an annual honorarium of only thirty thousand rupees. Similarly, Golmuri Utkal Samaj. And also through other institutions, Sido Kanhu Vidyalaya, Trilochan Vidyapeeth and Utkal Samaj Vidyalaya of Jamshedpur, Odia teacher students are continuing teaching in Jamshedpur urban area. On the said occasion, Satya Prakash Kar, convener of Pandit Durga Charan Kar Sahitya Sansad, said that the Guru is always revered and in his honor, our institute is honoring the teachers and students of Odia language by giving them citations for their tireless hard work. . On the said occasion, Vice President of East Singhbhum District of Utkal Association Praveen Kumar Das, Secretary Pradeep Kumar Das, Secretary of Utkal Association Jamshedpur Tarun Kumar Mahanti, Odia lovers Manvodh Mishra and Uttam Kumar Sahu of Kharsawan, Educationist Dr. Girija Shankar Mishra, Utkal Association Jamshedpur. Secretary Pradeep Jena, Utkal Assembly Supervisor Jairam Das Patra, along with other dignitaries of the city, 51 teachers and students working in various schools were present. Teacher by stage guests Along with a memorandum of thanks to Sahitya Sansad KERA for organizing the felicitation ceremony, emphasis was laid on the protection of Odia language in Jharkhand and the arrangement for teaching and learning from first class to postgraduate and research (Ph.D.). Everyone said that in the census we have to It is mandatory to write our mother tongue Odia whether we have read Odia or not. The mother tongue will survive only if we educate our children in the mother tongue, otherwise there is a possibility of Odia language becoming extinct in Jharkhand after one or two generations. Honored teacher students include Mrs. Shipra Mishra, Nirupama Panda, Kalpana Nayak, Alaknanda Mishra, Anjubala Jiu, Nikki Kumari, Chhoti Kumari, Satyajit Das, Preeti Kumari Patra, Durgimani Marandi, Saramani Mardi, Singrai Pinguwa, Randay Hembrom, Heera Soren, Lakhindra Hembrom, Faguram Tudu, Namita Tung, Sujata Puran, Trupti Rani Bera, Tikaraj Besra, Upendra Majhi, Sulochana Murmu, Sita Manjhi, Sarathi Hansda, Mamta Hansda, Jasni Soren, Neerupama Dev, Bimla Jyotishi, Sagarika Behura, Gayatri Behera, Minerbha. Sahu, Abani Kumar Dutt, Shubhashree Sahu, Sunita Raut, Sarita Kuntia, Bajun Hansda, Basudev Rana, Bivekanand Bhatt Mishra, Rindi Hembom, Jaba Balay, Bishwajit Mishra etc.

The stage was moderated by Pradeep Kumar Das and the vote of thanks was given by Pradeep Kumar Jena.

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