सरायकेला के घोड़ालांग में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के विश्राम दिवस में श्रीकृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता एक मिसाल – पं महेंद्र शर्मा
सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत घोड़ालांग गाँव में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के विश्राम दिवस सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुनाया गया। कथा का आयोजन घोड़ालांग वासियों की ओर से किया गया, जिसमें कथावाचक पंडित महेंद्र शर्मा जी महाराज वृंदावन वाले ने श्रद्धालुओं को कथा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता एक मिसाल है। ऐसी मित्रता आज के जमाने में कहां है। परंतु हमें श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता से प्रेरणा लेना चाहिए।

कथावाचक ने कहा कि पौराणिक कथानुसार द्वारपाल के मुख से सुदामा के पहुँचने का संदेश सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगवानी करने राजमहल के द्वार पर पहुंच गए ! बचपन के मित्र को गले लगाकर भगवान श्रीकृष्ण उन्हें राजमहल के अंदर ले गए और अपने सिंहासन पर बैठाकर स्वयं अपने हाथों से उनके पांव पखारे। उन्होंने कहा कि सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया और दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता।

कथावाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण सरल शब्दों में वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोतागण भाव विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं।इसके श्रवण मात्र से ही व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथा श्रावण करने पहुंचे पटना के कथावाचक विनोद महाराज जी, स्थानीय समाजसेवी तारापद साहू ( बांकसाई) पंचुगोपाल महतो ( रेंगुडीह), महालिमोरूप क्षेत्र के युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान (मुरुप) , एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ आयोजन समिति घोड़ालांग के संयोजक भद्रनाथ महतो, अध्यक्ष घासीराम महतो, उपाध्यक्ष विमल सरदार, सचिव हेमंत महतो, उपसचिव जागन्नाथ महतो, कोषाध्यक्ष मृत्युंजय उरांव, उपकोषाध्यक्ष अरविंद उरांव, मीडिया प्रभारी सनत कुमार दास, वरिष्ठ सदय जगदीश महतो आदि को कथावाचक पं महेंद्र शर्मा जी महाराज द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

श्रीकृष्ण और सुदामा की निकाली गई झांकी
इस अवसर पर श्रीकृष्ण और सुदामा की झांकी निकाली गई जिससे कार्यक्रम अत्यधिक आकर्षण बन गया था। इस झांकी में बने श्रीकृष्णा और सुदामा ने मित्रता का ऐसा अभिनय किया, जिसे श्रद्धालुओं ने देखकर भावुक हो गए। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से श्रीकृष्ण और सुदामा की जयकारे लगाते हुए पुष्प वर्षा भी की गई।मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का समापन हो गया।

इसके बाद आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में खीर खिचड़ी का वितरण किया गया। इस अनुष्ठान को सफल बनने में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा आयोजन समिति घोड़ालांग के परेश महतो, मुकेश महतो, भद्रनाथ महतो , विमल सरदार, नंदलाल उरांव,हेमंत महतो , मुकुंद महतो ,रैबु गोप, देवा महतो, जगदीश महतो, कुशल उरांव, मनोज महतो, अरविंद उरांव, कृष्णा उरांव, अनिल उरांव, मृत्युंजय उरांव, जगन्नाथ महतो, दिगंबर सरदार, घासीराम महतो, सनत दास, ठुलू महतो, साधुचरण महतो समेत समस्त ग्रामवासियों का सहयोग सारानीय रहा।
