पंच प्रण पर आधारित जिला स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन

सरायकेला के के भी पी एस डी सी एम स्कूल आफ एक्सीलेंसी में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त श्री प्रभात कुमार बरदियार ने कहा कि हम पंचप्रण के परम लक्ष्य को लेकर भारत के 2047 तक सर्वांगीण विकास के मार्ग को प्रशस्त करने हेतु भारत को युवाओं द्वारा युवाओं के लिए लक्ष्य को लेकर अग्रसर है। जिला खेल विभाग,नेहरू युवा केन्द्र संगठन एवं एन एस ए के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री बरदियार ने कहा कि पंच प्रण के तहत हमारे परम लक्ष्य में गुलामी मानसिकता से मुक्ति, विकसित भारत, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता और हमारा नागरिक कर्तव्य शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसे अवसर पर एकजुट हुए हैं जो हमारे युवा पीढ़ी के लिए उत्थान के संकेत है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को समर्पित करने का अवसर देता है जो नेतृत्व, उत्साह, ज्ञान और समर्पण के प्रति एक उदाहरण है। हमारे युवा न केवल ऊर्जावान और रचनात्मक हैं बल्कि इस देश के भविष्य का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम हैं। वे अपने नए विचारों, कल्पना और उत्साह के साथ समृद्धि की ओर बढ़ सकते हैं। युवा शक्ति एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में सक्षम है।

समारोह को संबोधित करते हुए आई टी डी ए के निदेशक आशीष कुमार अग्रवाल ने कहा की राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत सरकार ने 1947 तक देश के सर्वांगीण विकास के परम लक्ष्य की प्राप्ति हेतु युवाओं से आगे आने की अपील की है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं का प्रेरणा स्रोत बताते हुए राष्ट्र निर्माण में सहयोग की अपील की । कार्यक्रम का उद्घाटन के पश्चात तमाम अतिथियों ने नृत्य, संगीत, चित्रकला, विज्ञान प्रदर्शनी सहित अन्य सभी स्टॉल का निरीक्षण किया।

उद्घाटन समारोह को जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला युवा अधिकारी श्री क्षितिज, राष्ट्रीय सेवा योजना सरायकेला के नोडल पदीधिकारी डॉ ओम प्रकाश, कोल्हान विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समनवयक डॉ दारा सिंह गुप्ता,विद्यालय के प्राचार्य श्री नारायण कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री विश्वरंजन त्रिपाठी ने किया। लोक नृत्य, लोक संगीत, चित्र कला, कविता लेखन, विज्ञान मेला के माध्यम से युवाओं के पंख को उड़ान भरने के लिए प्रेरित करने के इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र- छात्रा सहित सैकड़ो प्रतिभागी उपस्थित थे।
