पाकिस्तान के रक्षामंत्री के ‘कैंसर’ वाले बयान से भड़का इजराइल, पीएम नेतन्याहू ने दिया जवाब
ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बीच पाक रक्षा मंत्री का विवादित बयान, इजराइल ने दिया करारा जवाब
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के एक बयान ने नई कूटनीतिक बहस छेड़ दी है। ईरान और अमेरिका के बीच घोषित युद्धविराम की कोशिशों के दौरान, पाक मंत्री ने इजराइल को लेकर बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने इजराइल की तुलना एक ‘बीमारी’ (कैंसर) से कर दी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। इस बयान को ईरान-इजराइल के बीच सुलगती आग में घी डालने जैसा माना जा रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को कहा ‘कैंसर’

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने संबोधन में इजराइल की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने वैश्विक शांति के लिए इजराइल की नीतियों को खतरा बताते हुए कहा कि यह देश मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए एक घातक बीमारी की तरह है। मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते पर टिकी हैं। पाकिस्तान के इस स्टैंड ने उसे एक बार फिर कट्टरपंथी रुख वाले देशों की कतार में खड़ा कर दिया है।
इजराइल की तीखी प्रतिक्रिया: ‘हकीकत का सामना करे पाकिस्तान’
पाक मंत्री के बयान पर इजराइल ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। इजराइली विदेश मंत्रालय और वहां के कूटनीतिज्ञों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान करार दिया है। इजराइल की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश के भीतर पनप रहे आतंकवाद और अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए। इजराइली अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की बयानबाजी शांति प्रयासों में बाधा डालती है और पाकिस्तान की अपनी विश्वसनीयता कम करती है।
मध्य पूर्व शांति वार्ता पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह आक्रामक रवैया अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली आगामी शांति वार्ताओं को प्रभावित कर सकता है। जहाँ पाकिस्तान खुद को मुस्लिम देशों के रहनुमा के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है, वहीं अमेरिका जैसे देश इस बयान को शांति प्रक्रिया में रुकावट के तौर पर देख रहे हैं। इस विवाद ने यह साफ कर दिया है कि भले ही बड़े देशों के बीच सीजफायर की बात हो रही हो, लेकिन वैचारिक और कूटनीतिक मतभेद अभी भी काफी गहरे हैं।
