पारा शिक्षक की बेटी गीतांजलि ने मैट्रिक परीक्षा में लहराया परचम, 98.60% अंकों के साथ झारखंड टॉपर
हजारीबाग: गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड के मरकी गांव की होनहार छात्रा गीतांजलि ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) मैट्रिक परीक्षा 2025 में 98.60% अंक हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। संगीत और विज्ञान में 100 में से 100 अंक लाकर गीतांजलि ने मेहनत, लगन और समर्पण की मिसाल कायम की है।गीतांजलि ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और समय प्रबंधन को दिया। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य व्याकुलताओं से दूरी बनाए रखी और पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उनकी यह रणनीति उनके गहरे विषय ज्ञान और अभ्यास को दर्शाती है।

सीमित संसाधनों में बड़ी उपलब्धि
गीतांजलि के पिता उमेश पाल, जो एक पारा शिक्षक हैं, और माँ, जो गृहिणी हैं, ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए सकारात्मक माहौल प्रदान किया। गीतांजलि ने कहा, “मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझ पर विश्वास किया, जो मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा।

डॉक्टर बनने का सपना
वर्तमान में गीतांजलि कोटा में रहकर प्राइवेट कोचिंग के माध्यम से नीट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने अपने भविष्य के लक्ष्य को साझा करते हुए कहा, “मैं डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हूँ।”गीतांजलि की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और गाँव, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण पैदा किया है। उनकी कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
