पटना मेट्रो: अंडरग्राउंड स्टेशन के टनल में घुसकर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण, जल्द तैयार होंगे 12 स्टेशन
Patna Metro Update: बिहार की राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट के काम को रफ्तार देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 के निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत स्वयं निर्माणाधीन अंडरग्राउंड टनल में उतरे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को काम की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने टनल और स्टेशनों का किया निरीक्षण
पटना मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है, जो कुल 12 महत्वपूर्ण स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जमीन के नीचे बनी सुरंगों (Underground Tunnels) में जाकर निर्माण की प्रगति को बारीकी से देखा। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय सीमा के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाए।
शहर की लाइफलाइन बनेगा कॉरिडोर-2
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो डिपो ISBT से शुरू होकर मलाही पकड़ी, मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर और गांधी मैदान जैसे व्यस्त इलाकों से होते हुए पटना जंक्शन तक का यह रूट शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। मुख्य सचिव ने कहा कि पटना मेट्रो सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह भविष्य में पटना की ‘लाइफलाइन’ साबित होगी। प्रशासन इसे लेकर बेहद गंभीर है।
पटना का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन लगभग तैयार
मेट्रो परियोजना से जुड़ी एक बड़ी जानकारी यह सामने आई है कि मोइनुल हक स्टेडियम के पास बन रहा पटना का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे सुरंग बनाने के लिए रेलवे से आवश्यक अनुमति (NOC) मिल गई है, जिसके बाद वहां भी काम शुरू कर दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी दिल्ली और पटना मेट्रो के साथ-साथ रेलवे के अनुभवी इंजीनियर्स कर रहे हैं।
समय पर काम पूरा करने पर जोर
निरीक्षण के क्रम में मुख्य सचिव ने मीठापुर सब-स्टेशन का भी दौरा किया। वहां उन्होंने पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (PMRC), दिल्ली मेट्रो (DMRC) और निर्माण कंपनी L&T के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में निर्माण के दौरान आ रही तकनीकी अड़चनों पर चर्चा हुई और उन्हें तत्काल सुलझाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि 12 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ने वाले कॉरिडोर-2 का काम उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
