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September 15, 2026

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महिला आरक्षण पर सरकार को झटका, अब आगे क्या करेगी मोदी सरकार?

लोकसभा में सरकार को लगा बड़ा झटका: मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक, जो महिला आरक्षण और परिसीमन को तेजी से लागू करने के लिए लाया गया था, लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करने में विफल रहा। सदन में मौजूद 528 सदस्यों में से 298 ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया, जिससे यह बिल पारित नहीं हो सका।

बाकी दो विधेयकों का क्या हुआ?

इस मुख्य विधेयक के गिरने के बाद, सरकार ने अन्य दो संबंधित विधेयकों—’परिसीमन विधेयक 2026′ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक’—को भी सदन के पटल पर नहीं रखा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि ये तीनों विधेयक एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए थे, इसलिए मुख्य बिल के गिरने के बाद बाकी दो पर आगे बढ़ना संभव नहीं था।

विपक्ष का कड़ा विरोध और तर्क

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों ने इस संशोधन को ‘संविधान पर हमला’ करार दिया। विपक्ष का मुख्य विरोध इस बात पर था कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से क्यों जोड़ रही है। विपक्ष ने मांग की कि साल 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को बिना किसी देरी के मौजूदा सीटों पर ही तुरंत लागू किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री महिलाओं को आरक्षण देने के लिए गंभीर हैं, तो उन्हें पुराने कानून को ही लागू करना चाहिए, जिसे विपक्ष का पूरा समर्थन मिलेगा।

क्या था सरकार का प्लान?

सरकार का लक्ष्य इस संशोधन के जरिए 2029 के चुनावों से पहले सीटों का परिसीमन करना और लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करना था। इससे दक्षिण भारत के राज्यों में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि उन्हें डर था कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने से उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी कम हो जाएगी।

अब सरकार के पास क्या हैं विकल्प?

  1. दोबारा बिल लाना: सरकार संशोधनों के साथ या विपक्ष से सहमति बनाकर भविष्य के सत्रों में फिर से नया बिल ला सकती है।
  2. 2023 के कानून पर कायम रहना: सरकार नए संशोधन की जिद छोड़कर 2023 में पास हुए मूल कानून के तहत ही आगे बढ़ सकती है, जिसमें जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण लागू करने की बात कही गई है।
  3. जनगणना में तेजी: सरकार जनगणना की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ कर सकती है।

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