ट्रंप बोले- ईरान से सारा यूरेनियम अमेरिका लाएंगे; भड़का तेहरान, कहा- ‘मिट्टी की तरह पवित्र है’
Trump Iran Uranium Deal: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वे ईरान के परमाणु अवशेषों को अमेरिका ले आएंगे। वहीं, ईरान ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी संप्रभुता से जोड़ दिया है और इसे ‘पवित्र मिट्टी’ बताते हुए सरेंडर करने से इनकार कर दिया।
ट्रंप का दावा- बड़े उपकरणों से अमेरिका लाएंगे सारा यूरेनियम
फ्लोरिडा में आयोजित ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जारी वार्ता के तहत यह योजना है कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिका को सौंप देगा। ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस भारी मात्रा में सामग्री को ले जाने के लिए बड़े एक्सकेवेटर्स (खुदाई मशीनों) की जरूरत होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ईरान के सहयोग से यह पूरा न्यूक्लियर मटेरियल अमेरिका स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

ट्रंप बोले- B-2 बॉम्बर्स ने सब खत्म किया, अब कचरा उठाएंगे
परमाणु मुद्दे को विस्तार से समझाते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वहां मौजूद ‘परमाणु धूल’ को अपने कब्जे में ले लेगा। उन्होंने इस सामग्री की तुलना एक सफेद पाउडर से की, जिसे उनके अनुसार करीब सात महीने पहले अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने एक विशेष सैन्य अभियान के जरिए नष्ट कर दिया था। ट्रंप ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया में कोई वित्तीय लेनदेन नहीं होगा और ईरान अब कभी परमाणु शक्ति नहीं बन पाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि ईरान अमेरिकी मदद से समुद्री बारूदी सुरंगों को भी हटा रहा है।
ईरान की दो-टूक: ‘यूरेनियम हमारी मिट्टी की तरह है’
ईरान ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। तस्नीम न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम किसी भी देश को नहीं भेजेगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यह यूरेनियम हमारे लिए ईरानी मिट्टी की तरह ही पवित्र है। बघाई ने अमेरिकी दावों को निराधार बताया।
हमास और हिजबुल्लाह पर ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि ईरान के साथ बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब हिजबुल्लाह और हमास जैसे समूहों को वित्तीय और सैन्य मदद बंद करने के लिए सहमत हो गया है। ट्रंप को उम्मीद है कि आगामी दिनों में एक बड़ा समझौता दुनिया के सामने आ सकता है।
बघाई का तंज: सोशल मीडिया से नहीं चलती कूटनीति
ईरान ने समुद्री सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दिए गए अमेरिकी बयानों पर भी पलटवार किया है। प्रवक्ता बघाई ने कहा कि अमेरिका के ट्वीट और सोशल मीडिया पोस्ट उसकी हताशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज के बारे में कोई भी फैसला जमीन पर लिए गए एक्शन से तय होता है, न कि किसी के ट्वीट से। हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन बैकचैनल वार्ता की खबरें भी सामने आ रही हैं।
