कोल्हान के उड़िया बहुल इलाकों में ‘रजअ’ पर्व की धूम
कोल्हान के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के गली मुहल्लों में गूंज रही है ‘रजअ’ गीत। आज से शुरू हो रही ‘रजअ’ पर्व की लेकर सुबह से सरायकेला खरसावां समेत कल्हान में काफी उत्साह है आज 14 तारीख से 16 जून तक ‘रजअ’ पर्व का आयोजन प्रत्येक गांव में हो रहा है। ‘रजअ’ पर्व महिलाओं को समपित है महिलाओं के झूला झूलने व गीत गाने की वर्षों पुरानी परंपरा है।

इस दौरान महिलाएं घर का कोई काम नहीं करते हैं सरायकेला खरसावां पश्चिम सिंहभूम पूर्व सिंहभूम, जिला के उड़िया बहुल गांवों में यह परंपरा अभी भी कायम है पेड़ों में रस्सी लगाकर झूला बनाकर फूलों से सजा कर झूलने की परंपरा है ‘रजअ’ पर्व का साल भर इंतजार रहता है कम से कम 2 दिनों तक मौज मस्ती से गुजरता है झूला झूलने की परंपरा है महिलाएं सामूहिक रूप से ‘रजअ’ गीत गाती है और खुशियां मनाती है।

