खरसावां में ब्राह्मण समाज के 40 युवाओं का किया गया उपनयन संस्कार
खरसावां के मां बासंती पूजा समिति द्वारा आयोजित मां बासंती पूजा विजयदशमी के साथ समाप्त हो गई। खरसावां ब्राह्मण समाज ने वर्ष 1903 में बासती पूजा आरंभ की थी प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के रूप में मनाया जाता है। विजयादशमी पूजा के बाद मां की प्रतिमा को जलाशय में विसजित कर दिया गया।

विजयादशमी के दिन ब्राह्मण बालकों का उपनयन संस्कार भी किया गया इस वर्ष झारखंड बिहार उड़ीसा पश्चिम बंगाल से आए 40 ब्राह्मण युवाओं का उपनयन (जेन ऊ) निशूलक किया गया। उपनयन के बाद रुसीया गीमन यात्रा की परंपरा निभाई गई।

मंदिर में माहा सप्तमी, महाष्टमी, महानवमी एवं विजयदशमी की पूजा अर्चना पारंपरिक विधि के तहत की गई मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान बकरे की बील चढ़ाई गई वहीं खीर, खिचड़ी, मास, पीठा मां के समक्ष चढ़ाया गया सामूहिक रूप से ब्राह्मण समाज द्वारा प्रसाद सेवन भी किया गया।
