अमेरिका-ईरान तनाव का असर! 365 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी 120 अंक लुढ़का
Indian Stock Market: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ लाल निशान में हुई। बाजार पर इस दबाव के पीछे मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ता सैन्य व राजनीतिक गतिरोध तथा वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी जिम्मेदार रही।
पेट्रोलियम उत्पादों के महंगे होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छाई अनिश्चितता के चलते घरेलू निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया, जिसके कारण बाजार खुलते ही लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स बिकवाली की चपेट में आ गए।
आज बाजार कितना टूटा?
बुधवार के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 77,816.45 के स्तर पर खुला, जबकि मंगलवार को यह 78,180.72 पर बंद हुआ था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,259.55 के स्तर पर खुला, जो इसके पिछले बंद स्तर 24,398.70 से नीचे था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल इस प्रकार रही:
- सेंसेक्स: 77,815.77 | गिरावट: 364.95 अंक (-0.47%)
- निफ्टी: 24,279.05 | गिरावट: 119.65 अंक (-0.49%)
कौन-से सेक्टर और शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे?
बाजार के अधिकांश क्षेत्रों में आज मंदी का माहौल देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव के चलते सबसे अधिक मार ‘निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स’ पर पड़ी, जो शुरुआती घंटों में ही करीब 1.34% तक नीचे आ गया। हालांकि, इस चौतरफा गिरावट के बीच फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर सेक्टर्स को सहारा मिला और वे हरे निशान में टिके रहे।
तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर्स: सन फार्मा, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, टीसीएस (TCS), टेक महिंद्रा, और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक।
गिरावट का सामना करने वाले प्रमुख शेयर्स: इंडिगो, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), मारुति, और टाटा स्टील।
इन्वेस्टर्स के लिए आगे क्या संकेत हैं?
बाजार विश्लेषक अजय बग्गा के अनुसार, जब भी वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम और अमेरिकी डॉलर की कीमत एक साथ बढ़ती है, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय बाजार से विदेशी फंड्स की निकासी हो सकती है और फ्यूचर्स मार्केट में शॉर्ट पोजीशन बढ़ने का खतरा रहता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) और छोटे खुदरा निवेशक इस गिरावट को निवेश के अच्छे मौके के रूप में देखते हैं या अभी बाजार से दूरी बनाए रखते हैं। फिलहाल विदेशी निवेशक सतर्क हैं और नया पैसा लगाने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
दूसरी ओर, एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालविया का मानना है कि अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) में आई बड़ी गिरावट, कमजोर एशियाई रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है।
तकनीकी स्तर पर जब तक निफ्टी मजबूती के साथ 24,450 के आंकड़े के पार नहीं निकलता, तब तक बाजार पर मंदी का साया बना रह सकता है। वर्तमान में 24,200 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। यदि यह सपोर्ट स्तर टूटता है, तो निफ्टी फिसलकर 24,000 तक जा सकता है। वहीं, 24,450 का स्तर पार होने पर बाजार में रिकवरी आएगी और निफ्टी पुनः 24,600 की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
