June 25, 2024

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वाद्य यंत्रों को बजाकर ग्रामीणों ने मनाया बैल खुटाव का त्योहार।

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राजनगर प्रखण्ड के सरगछिड़ा गांव में सार्वजनिक मनसा पूजा कमेटी की ओर से बांदना पर्व के अवसर पर गुरु कुटाव प्रतियोगिता का आयोजन किया गया‌ ग्रामीणों ने पारंपरिक विधान के अनुसार गोहाल पूजा कर पशुधन की सुरक्षा व परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।गोरू खुटाव का कार्यक्रम का आयोजन कर परंपरा का निर्वहन किया गया । जिसमें 20 पशुपालकों ने अपने बैलों को प्रतियोगिता में उतारा। ग्रामीणों ने ढोल,नगाड़ा मांदर व विभिन्न वाद्य यंत्रों को बजाकर बैलों को नाचाया गया। अच्छे प्रदर्शन करने वाले पशु मालिकों को शाल देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता को देखने के लिए आसपास के गांव के कोई लोग शामिल हुए। ग्राम प्रधान लक्ष्मी नारायण महतो ने कहा कि बंदना पर्व आदिवासी मूलवासी के प्रमुख त्यौहार में एक है।कृषि कार्य संपन्न होने के बाद मवेशियों के लिए सम्मान में यह पर्व मनाया जाता है। बैलों को सुख के लिए गोरी खुटाव का आयोजन होता है। जिसमें बैल को नाचने का परंपरा है।

मौके पर कमेटी के सदस्य लक्ष्मी नारायण महतो , निताई महतो पुजारी, प्रेमचंद महतो, रामजीवन हो, खुदीराम महतो, साईबू महतो, अनिल महतो, विष्णु महतो, सुदर्शन महतो, शिवचरण महतो गौर महतो, योगेश महतो, नरेंद्र महतो ,अजीत महतो ,बबलू महतो, बनवारी महतो ,लिपि राम महतो एवं ग्रामवासी का सहरनीय योगदान रहा।

On the occasion of Bandana festival, a Guru Kutav competition was organized by the Public Mansa Puja Committee in Sargchhira village of Rajnagar block. The villagers performed Gohal Puja as per the traditional tradition and wished for the safety of the livestock and the happiness and prosperity of the family. Program of Guru Kutav. The tradition was carried out by organizing the event. In which 20 cattle farmers entered their bulls in the competition. The villagers made the bulls dance by playing drums, cymbals and various musical instruments. Animal owners who performed well were honored with shawls. Some people from nearby villages joined to watch this competition. Village head Lakshmi Narayan Mahato said that Bandana festival is one of the main festivals of tribal natives. After the completion of agricultural work, this festival is celebrated in honor of the cattle. Gori Khutav is organized to please the bulls. In which there is a tradition of bull dancing.

Committee members present on the occasion were Lakshmi Narayan Mahato, Nitai Mahato Pujari, Premchand Mahato, Ramjeevan Ho, Khudiram Mahato, Saibu Mahato, Anil Mahato, Vishnu Mahato, Sudarshan Mahato, Shivcharan Mahato, Gaur Mahato, Yogesh Mahato, Narendra Mahato, Ajit Mahato, Bablu Mahato. , Banwari Mahato, Lipi Ram Mahato and villagers had a commendable contribution.

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