झारखंड में चतरा, गढ़वा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का रुकेगा वेतन
रांची : झारखंड के 6 जिलों के DEO, DSE व अन्य अधिकारियों का रुकेगा वेतन। जानकारी के अनुसार विद्यालय वार तैयार हो रही शिशु पंजी में लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोप में इनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है।

झारखंड में चतरा, गढ़वा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का वेतन रोका जाएगा।
इनका वेतन रोकने का निर्देश झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने दिया है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय वार तैयार हो रही शिशु पंजी में लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोप में इनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है।

बजट का 40 से 45 % राशि ही हो सकी है खर्च
शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में समीक्षा के बाद इस पर निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक हर हाल में सभी बच्चों को पोशाक की राशि दे दी जाए। अगर इसके बाद भी इसमें शिथिलता बढ़ती गई तो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलों को रसोइया को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने के लिए फिर से निर्देश दिया गया। जिन रसोईया का अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उन्हें अविलंब बनवाया जाए।
अब तक वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट की 40 से 45 फीसदी ही राशि खर्च हो सकी है। टारगेट को जल्द से जल्द पूरा किया जाए इसको लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 2024-25 के बजट का प्रस्ताव जिलों से मांगा गया है।
