खरसावां में जनजातीय संस्कृति,विरासत के संरक्षण और उन्नयन केंद्र का ऑनलाइन शिलान्यास
खरसावां प्रखंड के अंतर्गत पदमपुर गांव के समीप जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा संचालित जनजातीय शोध संस्थानों को सहयोग योजना के अंतर्गत अनुदानित 10 करोड की लागत से जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण और उन्नयन केंद्र (सेटंर फॉर प्रिजर्वेशन एंड प्रमोशन ऑफ ट्राइबल कल्चर एंड हेरिटेज सेंटर) खोला जाएगा। जिसका शनिवार विधिवत शिलान्यास दिल्ली से ऑन लाइन भारत सरकार के जनजातीय केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया गया। मौके पर ऑन लाइन संबोधित करते हुए श्री मुंडा ने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपनी संस्कृति और विरासत का संरक्षण जरूरी है।

मनुष्य का विकासात्मक यात्रा में अपनी संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होती है। खरसावां को बहुत ही दूरगामी यात्रा की कड़ी के रूप में देखता हूं। जब हमारा संस्कृति है, हमारी विरासत है, हमारा इतिहास है। उसे कड़ी को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास भी और विरासत भी संस्कृति भी और संस्कृति राष्ट्र भी दोनों को मजबूती के साथ आगे बढ़ते हुए विकसित भारत विकसित भारत का संकल्प ऐसे गांव के रहने वाले समस्त नागरिकों के समस्त होने का और सशक्त होने का एक लक्ष्य को प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री का दृष्टिकरण का अनुसरण करते हुए आत्मनिर्भर भारत की विकसित भारत है। आत्मनिर्भर भारत के लिए जनजाति समुदाय और वैसे सुदूरवती गांवो में रहने वाले सभी समुदाय को सशक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी है।

मौके परआईटीडीए निदेशक जयदीप तिग्गा, प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, बीडीओ प्रधान माझी, सीओ शीला उराव, डीपीआरओ अभिनाश कुमार, जिप सावित्री बानरा, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, सांसद प्रतिनिधि विजय महतो, सांसद प्रतिनिधि सुशील सांडगी, अमित कैशरी, दुलाल स्वासी, मुखिया मंगल सिंह जामुदा, पूर्व जिप कुवर सिंह बानरा, प्रशांत महतो, लाल सिंह सोय, विवकेनंद प्रधान, सुब्रत सिंहदेव, नयन नायक, कृष्णा सोय आदि मौजूद थे।
